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Wednesday, 14 January, 2026
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कांग्रेस में प्रियंका को PM बनाने की आवाज़ तेज, BJP बोली—यह राहुल पर भरोसे की कमी का संकेत

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर उनकी टिप्पणी को लेकर पूछे जाने पर प्रियंका के करीबी और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘उन्हें पीएम बना कर देखिए, वह इंदिरा गांधी की तरह जवाब देंगी.’

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लखनऊ: ऐसे समय में जब कांग्रेस के कुछ नेता प्रियंका गांधी को पार्टी का संभावित प्रधानमंत्री चेहरा बनाने की बहस फिर से छेड़ रहे हैं, उनके समर्थन में एक और आवाज़ सामने आई है—सहारनपुर से कांग्रेस सांसद और पार्टी के नेता इमरान मसूद की. इस बढ़ती आवाज़ में उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी शामिल हो गए हैं. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने प्रियंका पर जताए जा रहे भरोसे को राहुल गांधी पर भरोसे की कमी के तौर पर पेश किया.

बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर सरकार से कार्रवाई की अपील करने वाली प्रियंका की हालिया टिप्पणी पर पूछे जाने पर इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “क्या प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री हैं? उन्हें प्रधानमंत्री बना कर देखिए और देखिए वह कैसे जवाब देती हैं, बिल्कुल इंदिरा गांधी की तरह. वह प्रियंका गांधी हैं, गांधी सरनेम की हैं, इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को ऐसा झटका दिया था, जिसके निशान आज भी बाकी हैं. उन्हें प्रधानमंत्री बना कर देखिए और फिर जवाब देखिए. आप ऐसा करने की हिम्मत भी नहीं करेंगे.”

इसके तुरंत बाद बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने साफ कह दिया है कि अब उन्हें राहुल गांधी पर भरोसा नहीं रहा. ‘राहुल हटाओ, प्रियंका गांधी लाओ’. अब वह प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की दिशा में काम करना चाहते हैं. रॉबर्ट वाड्रा ने भी इसका समर्थन किया है. इसका मतलब यह है कि राहुल गांधी न सिर्फ जनता का वोट खो चुके हैं, बल्कि उनके सहयोगियों ने भी उन्हें नकार दिया है और अब जनपथ में भी समस्या दिख रही है. राहुल गांधी के पास न ‘जनमत’ है, न ‘संगत’ है और न ही जनपथ का समर्थन. कुछ दिन पहले ओडिशा के कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकीम ने भी कहा था कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को नेतृत्व पदों से हटाया जाना चाहिए और उनकी जगह प्रियंका गांधी को लाना चाहिए. इसके बाद उन्हें तुरंत पार्टी से निलंबित कर दिया गया. इससे साफ हो जाता है कि राहुल गांधी पर किसी को भरोसा नहीं है…”

दिप्रिंट से बात करते हुए मसूद ने कहा, “कुछ न्यूज़ चैनलों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. मैंने सिर्फ रिपोर्टरों के एक सवाल का जवाब दिया था, जब उन्होंने बांग्लादेश पर प्रियंका जी के रुख के बारे में पूछा था. उन्होंने मुझसे बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में प्रियंका गांधी के रुख को समझाने को कहा था, तो मैंने कहा, ‘क्या वह प्रधानमंत्री हैं? अगर होतीं, तो इंदिरा गांधी की तरह जवाब देतीं.’ अब इसे तोड़-मरोड़ कर राहुल जी से तुलना की जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं अपना रुख फिर से उन्हीं न्यूज़ एजेंसियों को साफ कर दूंगा.”

बाद में मसूद ने फिर से एएनआई से बात की और कहा, “बीजेपी के पास और कोई काम नहीं है. राहुल गांधी मेरे नेता हैं, जैसे वह प्रियंका गांधी के भी नेता हैं. मुझसे प्रियंका गांधी के बारे में सवाल पूछा गया था और मैंने उसी संदर्भ में जवाब दिया, यह कहते हुए कि वह अगली इंदिरा गांधी हैं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी की दो आंखों की तरह हैं. मेरा मतलब सिर्फ यह था कि अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री होतीं, तो आज बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति ऐसी नहीं होती. राहुल गांधी हमारे सबसे सम्मानित नेता बने हुए हैं.”

मसूद को प्रियंका गांधी के करीबी माना जाता है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा से पार्टी में उनकी वापसी कराने और उन्हें टिकट दिलाने में प्रियंका ने अहम भूमिका निभाई थी. तब से उन्हें उनका वफादार माना जाता है.

मसूद की टिप्पणी के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि प्रियंका का राजनीति में “उज्ज्वल भविष्य” है और वह “जो ज़रूरी है, उसमें बदलाव” ला सकती हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए वाड्रा ने कहा, “मुझे लगता है कि प्रियंका ने अपनी दादी (इंदिरा गांधी), पिता (राजीव गांधी), सोनिया जी और अपने भाई (राहुल गांधी) से बहुत कुछ सीखा है. जब वह बोलती हैं, तो दिल से बोलती हैं. मुझे लगता है कि राजनीति में उनका भविष्य उज्ज्वल है और ज़मीन पर जो बदलाव ज़रूरी है, उसमें भी उनका भविष्य उज्ज्वल है…यह समय के साथ होगा, यह तय है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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