चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार हर मुद्दे और हर बिंदु पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए प्रत्येक प्रश्न का बिंदुवार उत्तर दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन का समय बढ़ाने की बात कर रहा है, जबकि यह फैसला पहले ही बैठक में लिया जा चुका है. उन्होंने बताया कि मानसून सत्र के बाद छह महीने के भीतर दूसरा सत्र आयोजित करना अनिवार्य होता है. हालांकि, छह महीने की अवधि 26 फरवरी को पूरी हो रही है, फिर भी सरकार ने इससे पहले ही शीतकालीन सत्र बुला लिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सदन का समय बढ़ाने का मुद्दा उठाया जाता है, तो इतिहास पर भी नज़र डालनी चाहिए. कांग्रेस सरकारों के समय कम सत्र आयोजित किए जाते थे. इस परंपरा को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बदला, जिन्होंने वर्ष 2014 में चार दिवसीय सत्र आयोजित किया. वहीं, वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार ने पांच दिवसीय सत्र का आयोजन किया.
उन्होंने कहा कि सत्र पूरी तरह कार्यसूची के आधार पर चलता है. पिछला सत्र अच्छा रहा था, इसलिए विपक्ष से अपील है कि वह सार्थक चर्चा करे और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार कोई ठोस बात रखती है, तो विपक्ष सदन से वॉकआउट कर जाता है. विपक्ष को सरकार की बात भी सुननी चाहिए. उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में निराशा है और विपक्ष पहले से ही हंगामा करने की मानसिकता बनाकर आता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सत्र में भी विपक्ष ने एक दिन बर्बाद कर दिया था, जिसके कारण विधायकों के प्रश्न तक पूरे नहीं हो सके. इसलिए एक बार फिर विपक्ष से जनहित में चर्चा करने की अपील की जाती है.
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस झूठ का सहारा लेकर काल्पनिक मुद्दे खड़े कर रही है और भ्रम फैलाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने यह झूठा प्रचार किया कि यदि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, तो संविधान खतरे में पड़ जाएगा. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, तब तक बाबा साहेब द्वारा दिए गए पवित्र संविधान को कोई खतरा नहीं हो सकता.
