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हार्दिक पटेल | फेसबुक से
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अहमदाबाद: पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर के इस्तीफे से गुजरात में कांग्रेस पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

2015 में पाटीदारों के आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.

हार्दिक ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘इधर-उधर जाने से जनता पर प्रभाव नहीं पड़ता. जनता के लिए प्रत्याशी की हिम्मत और काम बड़ा महत्वपूर्ण होता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘समय बताएगा. नतीजों के बारे में इतनी जल्दी कुछ कहना ठीक नहीं होगा.’

2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी जैसे स्थानीय युवाओं ने अपने चुनावी अभियानों के जरिए युवाओं को खासा प्रभावित किया था. जहां हार्दिक जाति आधारित आरक्षण को लेकर अपने समुदाय के गुस्से को आगे ले जाने वाला चेहरा बने. वहीं, ठाकोर और मेवानी दलित और उत्पीड़ित समुदायों के अधिकारों पर हमलों की रिपोर्ट आने के बाद, उनकी आवाज बन कर उभरे. जैसे, जुलाई 2016 का ऊना हमला जहां सात लोगों के एक परिवार को एक मृत गाय की खाल उतारने के लिए पीटा गया था.

हालांकि, उसके बाद चीज़ें तेजी से बदली हैं. किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं रहे पटेल ने कांग्रेस ज्वाइन कर लिया. 2017 में राधनपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीतने वाले ठाकेर अब पार्टी छोड़ दी है. जबकि मेवानी ने अपने आप को गुजरात की राजनीति से दूर कर लिया है.

अभी भी ‘बच्चा’

जब हार्दिक से पूछा गया कि क्या वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाने के कारण निराश हैं ? पटेल ने कहा, ‘हाईकोर्ट ने मुझे अनुमति नहीं दी. मैं इस मामले में जल्द से जल्द सुनवाई चाहता था लेकिन सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई नहीं चाहता था.’

जामनगर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले हार्दिक पटेल अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए गुजरात उच्च न्यायालय गए. 2018 में जिला न्यायालय द्वारा पाटीदार आंदोलन में उपद्रव और आगजनी मामले में सजा सुनाई गयी थी, लेकिन अदालत ने पिछले महीने उनकी याचिका खारिज कर दी.

इसके बाद उन्होंने इस अपील पर तत्काल सुनवाई की मांग को लेकर महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने उनकी अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘मैंने भी सोचा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, यह चुनावों का देश है. मैं अभी केवल 25 साल का हूं, तो इसमें जल्दी या दर्द कहां है? मैं नए भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं. पांच साल बाद चुनाव लड़ूंगा.’

युवाओं को मौका देना

हार्दिक पटेल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई युवाओं को संसदीय चुनाव लड़ने का मौका दिया.

उन्होंने कहा, ‘आईआईएम और आईआईटी में कई व्याख्यान हुए हैं जिसमें कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को राजनीति में आना चाहिए. मुझे यकीन है कि कई युवा संसद में आएंगे और वे लोगों, किसानों के लिए लड़ेंगे और उनके मुद्दों को उठाएंगे.’

पटेल ने कहा, ‘हमें एक ऐसे नेता की जरूरत है जो हर मुद्दों पर संघर्ष कर सके. 2014 में नेताओं की औसत आयु 56 साल थी. कांग्रेस अध्यक्ष उसे बदल रहे हैं. उन्होंने हम पर भरोसा भी जताया था, लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया. तो आप सोचिए कि एक 25 साल का युवक चुनाव लड़ने जा रहा था.’

‘राहुल होंगे पीएम’

कांग्रेस की जीत के प्रति आश्वस्त पटेल ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री होंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि कांग्रेस सत्ता में आएगी और राहुल पीएम बनेंगे और अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर लौटेगी.’

उन्होंने ‘वास्तविक मुद्दों’ के बारे में बात करने के बजाय भावनात्मक अपील करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की.

हार्दिक ने कहा, ‘राहुल राष्ट्र को एकता में पिरोने पर विश्वास करते हैं. उन्होंने कभी अपने पिता या दादी के बलिदान के कारण वोट नहीं मांगा. मोदी भावनाओं का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं. वह गुजरात से सारा पैसा ले रहे हैं और चुनाव पर पूरे देश में खर्च कर रहे हैं.’

युवा नेता 23 अप्रैल तक गुजरात में चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करेंगे जहां गुजरात की 26 सीटों पर मतदान होगा.  उसके बाद वे देश के अन्य हिस्सों में चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे. हार्दिक ने दिप्रिंट को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी गुजरात में चुनाव प्रचार करेंगी.

राज्य में मोदी सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारी, युवा और किसान उन्हें दूसरा मौका नहीं देंगे.

पटेल ने कहा, ‘मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने हाल ही में शहीदों का अपमान किया है. (जब रूपानी ने कहा था जो लोग बालाकोट हमलों के लिए सबूत मांगते हैं, वे ‘पाकिस्तानी हैं’,  वह भारतीय नहीं हैं.) उनका जन्म बर्मा में हुआ था और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.’

(इस खबर को अंग्रजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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