प्रियंका चतुर्वेदी
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नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता और नेता प्रियंका चतुर्वेदी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से दुखी हैं. चतुर्वेदी ने पार्टी आलाकमानों पर महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले नेताओं को पार्टी द्वारा कार्यवाही न किए जाने का आरोप लगाया है. प्रियंका ने कहा कि पार्टी में उन लोगों को जगह दी जा रही है जो महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं. जो लोग मेहनत कर पार्टी में अपनी जगह बना रहे हैं, उनके बदले गलत लोगों को पार्टी तरजीह दे रही है.

प्रियंका ने एक महिला पत्रकार के पिछले दिनों किए गए एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए काफी निराशा जताई है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘काफी दुखी हूं कि अपना खून-पसीना बहाने वालों से ज्यादा गुंडों को कांग्रेस पार्टी में तवज्जो दी जा रही है. पार्टी के लिए मैंने पत्थर खाए हैं और गालियां सुनी हैं, मुझे गालियां पार्टी के ही लोगों ने दी, पार्टी के नेताओं ने ही मुझे धमकियां दीं. जो लोग धमकियां दे रहे थे, वह बच गए हैं. उनका बिना किसी कार्रवाई के बच जाना निराशाजनक है.

पिछले दिनों मथुरा में कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अमर्यादित व्यवहार किया, जिसकी शिकायत करने पर पार्टी ने कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्यवाई की. उन्हें पार्टी ने महज कुछ ही दिनों के लिए निलंबित भी किया. लेकिन कुछ ही दिनों में पार्टी ने उनका निलंबन वापस ले लिया. उनका निलंबन वापस लिए जाने पर प्रियंका दुखी हैं. उन्होंने ट्वीट कर अपना दुख व्यक्त किया है.

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प्रियंका चतुर्वेदी का दुख भरा ट्वीट

प्रियंका लिखती हैं कि गहरा दुख हुआ कि जिन लोगों ने पार्टी के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया उन्हें दरकिनार कर पार्टी गुंडे मवाली लोगों को प्राथमिकता दी है. मैं यह देखकर दुखी और आहत हूं. वह लिखती हैं कि पार्टी के लिए मैंने गालियां खाईं लेकिन पार्टी ने उन लोगों का साथ दिया जिन्होंने मुझे पार्टी में रहते हुए धमकी दी ऐसे गुंडों को पार्टी ने एक हल्की सी सजा देकर छोड़ दिया है.

बता दें कि मथुरा में राफेल डील को लेकर हुई पत्रकारवार्ता के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पत्र जारी करते हुए लिखा है, जिसमें अनुशासनात्मक कार्यवाही की बात कही गई है. इसमें लिखा गया है कि उक्त घटना पर कार्यकर्ताओं ने समिति से खेद प्रकट किया है जिसके बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया है. और कहा गया है कि ऐसा कदम ज्योतिरादित्य सिंधिया की संस्तुति के बाद किया जा रहा है. वहीं उन्हें यह ताकीद किया गया है कि आपसे उम्मीद की जाती है कि आप ऐसा कृत्य नहीं करेंगे जिससे पार्टी की छवि को नुकसान हो.

बता दें कि प्रियंका से अभद्र व्यवहार करने वालों में अशोक सिंह चकलेश्वर, कांग्रेस कमेटी मथुरा के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. उमेश पंडित, महासचिव, प्रताप सिंह, पूर्व प्रत्याशी. अब्दुल जब्बार, गिरधारी लाल पाठक, भूरी सिंह, प्रवीण ठाकुर और यतींद्र मुकद्दम इसमें शामिल हैं.

वैसे यह पहली बार नहीं है कि महिलाओं के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दुर्व्यवहार किया हो. इससे पहले जब अभिनेत्री नगमा कांग्रेस से प्रत्याशी थीं तब भी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने उनसे बुरा व्यवहार किया था. जिसके बाद नगमा ने महिला सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था. बता दें कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी महिला अधिकारों और उनके आरक्षण और सुरक्षा को लेकर बहुत सजग दिखाई देते हैं. वहीं उन्होंने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की बात भी कही है. लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि वह क्या सचमुच महिलाओं के लिए वह कुछ करेंगे? अब जब खुद उनकी पार्टी प्रवक्ता और नेत्री ही पार्टी में गुंडों से दुखी होने का आरोप लगा रही हों तब.


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