Tuesday, 18 January, 2022
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कांग्रेस पार्टी में मची हलचल, लोकसभा चुनाव में हार के बाद इस्तीफे का सिलसिला जारी

कांग्रेस ने देश भर में 421 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 52 उम्मीदवार 18 प्रदेशों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से जीत कर संसद तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं.

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में छोटे से लेकर बड़े नेताओं में निराशा का दौर चल रहा है. एक तरफ जहां खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कही है वहीं विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्षों के इस्तीफे का सिलसिला भी लगातार जारी है. सोमवार को ही पार्टी के कई राज्यों के अध्यक्षों ने इस्तीफा भेजा है. जिसमें पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़, झारखंड के प्रभारी अजय कुमार और असम के रिपुन बोरा ने भी इस्तीफा भेजा है.

बता दें कि पार्टी में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद से ही खबरें आ रही है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपने इस्तीफे की बात को लेकर अड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि अब पार्टी को किसी गैर गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए जिसे सीडब्ल्यूसी ने खारिज कर दिया और कहा कि हार की जिम्मेदारी हम सबकी है और सभी राहुल के गाइडेंस में ही पार्टी को आगे ले जाना चाहते हैं.

वहीं इसी बीच तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक की कुछ खबरें बाहर आ रहीं है जिसे लेकर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर इसपर संयम रखने की सलाह दी है. सुरजेवाला ने ट्वीट कर मीडिया से अनुरोध किया है कि वह संगठन की पवित्रता को बनाए रखने में मदद करे. सुरजेवाला ने ट्वीट किया है, कांग्रेस कार्यसमिति विचारों के आदान-प्रदान और सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए एक लोकतांत्रिक मंच है. मीडिया के एक धड़े में आने वाले अनुमानों, अटकलों और अफवाहों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जिस तरह से पिछले दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी धाराशाई हुई है खुद पार्टी के नेताओं को इतने बुरे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी. यही नहीं कई उत्तरी भारत सहित कई ऐसे राज्य हैं जहां पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल सकी है. इसी कारण पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है. बता दें कि इससे पहले राज बब्बर, जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अजय कुमार और असम के रिपुन बोरा भी इस्तीफा भेज चुके हैं. वहीं इससे पहले कमलनाथ भी इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं.

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गुरदासपुर में अभिनेता व भाजपा उम्मीदवार सनी देओल से लोकसभा चुनाव हारने वाले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने पद से सोमवार को इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है. इस्तीफे में, उन्होंने अपनी सीट हारने और कांग्रेस शासित राज्य में पार्टी का उत्कृष्ट प्रदर्शन नहीं रहने की नैतिक जिम्मेदारी ली. कांग्रेस ने 13 में से आठ सीटें जीती हैं. अकाली दल और भाजपा ने दो-दो सीटें, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने एक सीट जीती है.

अपने पत्र में, जाखड़ ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष, महासचिव प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा पूरा समर्थन मिलने के बावजूद अपनी सीट बरकरार नहीं रख पाए.

असम की बात करें तो यहां लोकसभा की 14 सीटे हैं जिसमें से कांग्रेस को केवल तीन सीटें मिली हैं. वहीं भाजपा ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की है. झारखंड में 14 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को केवल एक सीट पर जीत मिली है. जबकि यहां भी भाजपा ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है. इसी वजह से तीनों राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने राहुल गांधी को अपने पद से इस्तीफा देने के पेशकश की है. तीनों अध्यक्षों ने चुनाव में खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए यह इस्तीफा सौंपा है.

कांग्रेस ने देश भर में 421 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 52 उम्मीदवार 18 प्रदेशों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से जीत कर संसद तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा केरल में 15 सीटें जीती हैं. इसके बाद पंजाब और तमिलनाडु में आठ-आठ सीटें जीती हैं. 17 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में वह खाता भी नहीं खोल पाई.

चुनाव हारने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस कार्यसमिति के चार सदस्य शामिल हैं. कार्यसमिति पार्टी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है. जीत दर्ज कराने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल हैं.

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