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अलवर गैंग रेप पीड़िता से मिलने पहुंचे राहुल गांधी, दिया न्याय का भरोसा
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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को अलवर सामूहिक बलात्कार से पीड़ित महिला और उसके परिवार वालों से मिलने अलवर पहुंचे. उन्होंने कहा कि उन्हें जैसे ही घटना की जानकारी मिली उससे सुनने के बाद उन्होंने तुरंत अशोक गहलोत से बात की. राहुल गांधी ने कहा कि ‘यह मेरे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है.’ ‘मैं पीड़ित परिवार से मिला और उन्होंने न्याय की मांग उठाई है जो पूरी की जाएगी. उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राजस्थान के अलवर में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. महिला, उसके पति और परिवार वालों का आरोप है कि पांच गुर्जर समुदाय के लोगों ने दंबगई दिखा कर पति-पत्नी को बंधक बना कर तीन घंटे तक ज्यादती की. यही नहीं जब तक ज्यादती करते रहे तब तक लड़के को नंगा बैठा रखा था. आरोप है कि चुनाव के मद्देनज़र मामले को कई दिनों तक दबा कर रखा गया लेकिन जैसे ही मामला सामने आया आग की तरह फैल गया है. बता दें कि पांचों लड़कों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है.

गांव वालों का कहना है कि आरोपियों को राजनीतिक शह मिली हुई है और चुनाव की वजह से मद्देनजर मामले को पुलिस ने दबा कर रखा था.

पीएम मोदी ने मायावती से की सरकार से समर्थन लेने की बात

इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने भाषण में बसपा अध्यक्ष मायावती से कहा कि अगर उन्हें अलवर में दलित महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ा हो रही है तो वह राजस्थान सरकार से समर्थन वापस लें.


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पीएम ने कुशीनगर में भाषण के दौरान कहा,’राजस्थान की सरकार बसपा के सहयोग से चल रही है. वहां की कांग्रेस सरकार दलित बेटी से सामूहिक बलात्कार का मामला दबाने में लगी है. बहनजी (बसपा प्रमुख मायावती) राजस्थान में आपके समर्थन से सरकार चल रही है. वहां दलित बेटी से बलात्कार हुआ है. आपने उस सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं लिया? घड़ियाली आंसू बहा रही हो.’ इसके बाद से ही पीएम पर मायावती पलटवार कर रही हैं साथ ही उन्होंने सरकार से समर्थन वापस लेने का भी ईशारा कर दिया है.

राहुल गांधी बुधवार को अलवर महिला से मिलने जाने वाले थे लेकिन हेलिकॉप्टर में आई तकनीकी खराबी की वजह से उड़ नहीं सका था जिसकी वजह से वो कल नहीं जा सके थे. लेकिन आज वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़िता से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट भी मौजूद थे.

क्या है पूरा मामला

मामला 26 अप्रैल का है जब शाम को पति पत्नी घूमने निकले तो पांच लड़कों के गैंग ने घात लगाकर इन दोनों पति पत्नी के साथ घटना को अंजाम दिया. पति- पत्नी समाज और बदनामी के डर से चुप रहे. लेकिन जैसे जैसे बात खुली परिवार वाले एकजुट होकर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे लेकिन आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की. फिर विधायक कांतिलाल मीणा ने मामले में हस्तक्षेप किया उसके बाद कहीं मामला दर्ज हुआ. विधायक मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग की है.पीड़ित परिवार ने विधायक की मदद से ही 30 अप्रैल को अलवर के एसपी से सारे घटनाक्रम की जानकारी दी और 2 मई को एफआईआर दर्ज कराई गई. उस दिन सविता का मेडिकल नहीं हो पाया क्योंकि सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं थी. 3 मई को सविता का मेडिकल हुआ. रिपोर्ट के बारे में अभी पीड़ित परिवार को कोई जानकारी नहीं है. 9 मई को सविता और अजय का बयान लिया गया.


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गौरतलब है कि राजस्थान में 29 अप्रैल और 6 मई को मतदान हुआ था. पुलिस पर आरोप लगे कि पोलिंग के चलते इस मामले को लंबा खींचा गया. राजस्थान भाजपा के नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का इस्तीफा मांग रहे हैं लेकिन गहलोत सरकार के कई मंत्री पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं और इस मामले को राजनीतिक न बनाने की बातें कह रहे हैं. 8 मई को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद भी थानागाज़ी गए और धरना प्रदर्शन में शामिल हुए. पिछले चार दिन से मीणा समुदाय के लोग सक्रिय हैं और आरोपियों को फांसी देने की मांग पर अड़े हैं. अशोक गहलोत की इस्तीफे की बातें उठते ही पुलिस सकते में आ गई है. इस मामले में अभी तक पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

राजस्थान के अलवर ज़िले के थानागाज़ी इलाके के लालावाड़ी में घटी इस घटना के बाद तनाव व्याप्त है. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. अलवर शहर में भी जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इस क्षेत्र में बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले लगातार हो रहे हैं बार-बार पुलिस को शिकायत करने के बावजूद ढिलाई बरते जाने से लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है. मामले की संजीदगी को देखते हुए लालावाड़ी के थानेदार सरदार सिंह को मामले में ढिलई करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. वहीं अलवर के एसपी राजीव प्रचार को भी उनके पद से हटा दिया गया है और अगली पोस्टिंग का इंतजार है. वहीं एक बीट कांस्टेबल को और दो पुलिस वालों को लाइन हाज़िर किया गया है.


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