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सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने में विफल रही : खरगे

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी | एएनआई
इसरो वैज्ञानिक एन. वलारमथी | ट्विटर/@DrPVVenkitakri1

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करने में विफल रही।

उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कुछ आंकड़ों का उल्लेख करते हुए यह दावा भी किया कि सरकार की तरफ से पूरी तरह निष्क्रियता देखी गई है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मोदी सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को साकार करने में विफल! विनिर्माण क्षेत्र में सरकार के कदमों को लेकर जोर-शोर से ढोल पीटने का शोर भी निष्क्रियता के कारण दब गया है।’

उन्होंने सवाल किया, ‘पिछले दशक में भारत की जीडीपी में विनिर्माण द्वारा जोड़ा गया मूल्य 16 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत क्यों हो गया है? मोदी सरकार में औसत विनिर्माण विकास में गिरावट क्यों आई है?’

खरगे के मुताबिक, कांग्रेस-संप्रग के दौरान औसत विनिर्माण विकास दर 7.85 प्रतिशत थी, जो घटकर लगभग 6 प्रतिशत ही रह गई।

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने 2022 तक विनिर्माण क्षेत्र में 10 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। वे नौकरियां कहां हैं? पिछले 10 वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र में कार्यबल में गिरावट क्यों आई है?’

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, ‘क्या यह सच नहीं है कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का अधिकांश हिस्सा शुरू होने में विफल रहा? प्रमुख क्षेत्रों के लिए धन का बड़े पैमाने पर कम उपयोग क्यों किया गया?’

उन्होंने दावा किया कि कपड़ा क्षेत्र में पीएलआई के 96 प्रतिशत कोष का इस्तेमाल नहीं किया गया तथा नवीकरणीय क्षेत्र में पीएलआई के लिए शून्य निधि प्रदान की गई।

उन्होंने सवाल किया, ‘भारत के निर्यात में प्रतिशत वृद्धि जो कांग्रेस-संप्रग के दौरान 549 प्रतिशत थी, मोदी सरकार के दौरान घटकर केवल 90 प्रतिशत कैसे रह गई?’

उन्होंने यह भी प्रश्न किया, ‘क्या यह भाजपा का नकली राष्ट्रवाद नहीं है जिसके कारण गलवान में 20 बहादुरों के बलिदान के बाद भी चीनी आयात में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई?’

खरगे ने कहा, ‘ भारत को मजबूत और समावेशी रोजगार सृजन की जरूरत है। नौकरी सृजनकर्ताओं की क्षमताओं को बढ़ावा देने और उच्च तकनीक नेटवर्क को जोड़कर उत्पादन को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है। विनिर्माण में मूल्यवर्धन और निर्यात को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।’

उन्होंने कहा, ‘अतीत में केवल कांग्रेस पार्टी ने ही ऐसा किया है। अब केवल कांग्रेस पार्टी ही ऐसा करने में सक्षम है। ‘

भाषा हक प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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