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बीएफएसआई क्षेत्र में चार में से एक महिला कार्यस्थल पर नहीं है सहजः रिपोर्ट

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी | एएनआई
इसरो वैज्ञानिक एन. वलारमथी | ट्विटर/@DrPVVenkitakri1

मुंबई, 12 अप्रैल (भाषा) बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में कार्यरत हर चार में से एक महिला कर्मचारी काम को मान्यता मिलने, उचित वेतन और कार्यस्थल पर समानता के व्यवहार को लेकर सहज नहीं महसूस करती है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई।

कंपनियां के बीएफएसआई क्षेत्र में विविधता तथा समावेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच यह रिपोर्ट सामने आई है।

कार्यस्थल मूल्यांकन व मान्यता संगठन ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया’ ने इस रिपोर्ट में कहा कि बीएफएसआई क्षेत्र के भीतर समग्र सकारात्मक धारणा होने के बावजूद लैंगिक असमानताएं बनी हुई हैं, जो विविधता तथा समावेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रित प्रयासों की जरूरत को रेखांकित करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीएफएसआई क्षेत्र में कार्यरत महिला कर्मचारी अपने पुरुष सहकर्मियों की तुलना में कार्यस्थल पर समानता को लेकर पांच प्रतिशत कम संतुष्ट हैं। यह सर्वेक्षण 167 संगठनों के 12 लाख कर्मचारियों के बीच किया गया।

रिपोर्ट कहती है कि जेन जी (1997-2012 के बीच जन्मे) और मिलेनियल (1981-1996 में जन्मे) कर्मचारियों के बीच भी बहुत ज्यादा असमानताएं हैं। करीब 21 प्रतिशत जेन जी और 15 प्रतिशत मिलेनियल कर्मचारी अपनी भूमिकाओं में सार्थक काम और प्रभाव तलाश रहे हैं। यह उनकी प्राथमिकताओं तथा अपेक्षाओं में बदलाव को दर्शाता है।

‘ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया’ की मुख्य कार्यपालक अधिकारी यशस्विनी रामास्वामी ने कहा, ‘‘बीएफएसआई क्षेत्र में स्थापित कंपनियों और वित्त-प्रौद्योगिकी कंपनियों दोनों की ही तरफ से भर्तियों में तेजी देखी जा रही है। इसके बावजूद कार्यस्थलों के भीतर असमानता की एक चिंताजनक प्रवृत्ति उभर रही है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।’’

भाषा निहारिका प्रेम

प्रेम

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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