news on china
चीन में महिला कर्मचारियों को सड़क पर घुटने के बल चलाया गया/ एससीएमपी
Text Size:
  • 15
    Shares

नई दिल्लीः चीन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कंपनी ने टार्गेट पूरा न करने पर अपने कर्मचारियों को सड़क पर घुटने के बल चलने को मजबूर कर दिया. इस वीडियो को दुनियाभर की मीडिया ने प्रमुखता से छापा है.

वैसे चीन की कंपनियों की क्रूरता की यह कोई पहली वारदात नहीं है, इससे पहले भी कई कंपनियां देर से आने और टार्गेट पूरा न करने, खराब प्रदर्शन के नाम पर अपने कर्मचारियों के साथ क्रूरता भरा व्यवहार करती रहीं हैं और उनका वीडियो भी वायरल होता रहा है.

नया मामला शांडांग क्षेत्र के जाओझांग शहर से आया है, जिसमें महिला कर्मचारी ट्रैफिक वाली सड़क पर घुटनों के बल चलती हुई नजर आ रहीं हैं. वहीं पुरुष कर्मचारी उनके आगे कंपनी का झंडा लेकर चल रहे हैं. कंपनी ब्यूटी प्रोडक्ट बनाती है और उसका आरोप है कि कर्मचारियों ने टार्गेट समय पर पूरा नहीं किया है, जिसकी वजह से उन्हें इतनी कठोर सजा दी गई है. जैसे ही महिलाएं सड़क पर घुटनों के बल चलती नजर आईं सड़क पर यातायात रुक गया और लोग उन्हें देखने लगे. सड़क पर यह नजारा कई मिनट तक चलता रहा, बाद में पुलिस आई और उसने इस सजा को रोका. फुटेज के वायरल होने के बाद कंपनी की सोशल मीडिया पर काफी किरकिरी हुई. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कंपनी को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर इस कंपनी का खुल कर विरोध किया जा रहा है. लोगों में गुस्सा है. एक शख्स ने कमेंट करते हुए लिखा है, मुझे लगता है कि ऐसी कंपनियां जो कर्मचारियों की गरिमा को रौंद रहीं हैं इन्हें बंद कर देना चाहिए.

वहीं एक दूसरे शख्स ने इन कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए कहा कि कब तक कर्मचारी चंद पैसों के लिए इस तरह से अपनी गरिमा पर चोट पहुंचाते रहेंगे. यह कोई पहला मामला नहीं है जब चीन की किसी कंपनी ने अपने कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया हो.

पिछले साल भी एक फुटेज वायरल हुई थी, जिसमें कतार में कर्मचारियों को खड़ा कर एक लड़की उनके गाल पर तमाचा मारती दिखाई दे रही है. वह ऐसा इसलिए कर रही है, क्योंकि कंपनी के अनुसार कर्मचारियों ने अच्छा परफॉर्म नहीं किया था. वहीं एक दूसरे मामले में नांनचांग के एक ब्यूटी सलून ने अपने वार्षिक कार्यक्रम में कर्मचारियों में जोश भरने के लिए एक दूसरे के चेहरे पर मारने को कहा था. इस घटना पर इसी कंपनी के कर्मचारी ने कहा था कि इसका मकसद टीम में एकजुटता लाना था.

वहीं 2017 में भी एक फुटेज वायरल हुआ था, जिसमें एक कंपनी ने टार्गेट पूरा न होने पर अपने कर्मचारियों को टॉयलेट का गंदा पानी पीने पर मजबूर कर दिया था. शंघाई के एक कर्मचारी ने बताया कि सिचुआन फोटोग्राफी स्टूडियो जिसने खराब काम का हवाला देकर अपने कर्मचारियों को गंदा पानी पीने पर मजबूर किया था इसके बाद कई महिला कर्मचारियों की तबीयत खराब हो गई थी. यह वीडियो वी चैट ग्रुप में कंपनी के एक कर्मचारी ने लीक कर दिया था, जिसके बाद यह वायरल हो गया. वहीं 2016 में चीन की एक सेल्स मार्केटिंग की कंपनी ने खराब परफॉर्मेंस के नाम पर अपने कर्मचारियों को कीड़े-मकोड़े खाने को मजबूर कर दिया था.


  • 15
    Shares
Share Your Views

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here