भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके नेतृत्व और उपलब्धियों की सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष पहले देश ने पूरे विश्वास और उत्साह के साथ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना था, लेकिन उन्होंने हमेशा स्वयं को “प्रधानसेवक” माना और उसी भावना के साथ राष्ट्रसेवा की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ भारतीयों की सेवा को ईश्वर की सेवा मानते हुए लगातार सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं. “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ उन्होंने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाकर उनके सम्मान की रक्षा की. कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों को मुफ्त राशन और देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण उपलब्ध कराया गया. भारत ने कई देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को मजबूत किया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का लाभ पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि आज देश के नागरिकों की आकांक्षाएं पूरी हो रही हैं और भारत वैश्विक स्तर पर एक उभरती महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुद्रा योजना, स्वनिधि योजना और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ है और सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा मिला है. वहीं डिजिटल इंडिया अभियान के तहत डिजिटल सेवाओं का विस्तार हुआ है. उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को एक युगांतकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सीधे उनके खातों में राशि पहुंच रही है.
उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से हासिल किया जाएगा और इस दिशा में केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है.