Monday, 8 August, 2022
होमराजनीतिउद्धव ठाकरे ने 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के कारण एकनाथ शिंदे को शिवसेना से निकाला

उद्धव ठाकरे ने ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के कारण एकनाथ शिंदे को शिवसेना से निकाला

पत्र में उद्धव ठाकरे ने लिखा, 'शिवसेना के पक्ष प्रमुख के तौर पर जो शक्तियां मुझे हैं, उसके तहत मैं आपको पार्टी संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटाता हूं.'

Text Size:

नई दिल्ली: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के बागी नेता और महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पार्टी से निकाल दिया है.

ठाकरे ने एक चिट्ठी जारी कर कहा कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे जिस वजह से खुद ही उनकी शिवसेना की सदस्यता चली गई.

पत्र में उद्धव ठाकरे ने लिखा, ‘शिवसेना के पक्ष प्रमुख के तौर पर जो शक्तियां मुझे हैं, उसके तहत मैं आपको पार्टी संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटाता हूं.’

ठाकरे का ये फैसला एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद आया है. शिंदे ने शिवसेना के बागी विधायकों के साथ मिलकर भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र में नई सरकार बनाई है.

महाराष्ट्र में काफी दिनों तक चले सियासी उठापटक के बीच कुछ दिनों पहले उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के दौरान मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी सरकार (एमवीए) चल रही थी जिसमें कांग्रेस और एनसीपी भी शामिल थी.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

एकनाथ शिंदे ने सीएम पद की शपथ लेने से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि वे एमवीए सरकार में काम नहीं कर पा रहे थे. साथ ही भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा था कि उद्धव ठाकरे ने उन लोगों के साथ मिलकर सरकार बनाई जिनके खिलाफ बाला साहेब ठाकरे हमेशा रहे थे.

बता दें कि एकनाथ शिंदे को 4 जुलाई को विधानसभा में विश्वास मत साबित करना है. इसके लिए महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र 3 और 4 जुलाई को बुलाया गया है.


यह भी पढ़ें: पावर, पार्टी, गौरव, पिता की विरासत- उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में क्या-क्या गंवाया


 

share & View comments