Monday, 27 June, 2022
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कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ को चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बताया असफल

किशोर की कांग्रेस से लगभग एक साल से बात चल रही थी लेकिन अप्रैल में उन्होंने पार्टी का ऑफर मना कर दिया था.

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नई दिल्ली: चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को कहा कि हाल ही में कांग्रेस द्वारा राजस्थान के उदयपुर में किए गए चिंतन शिविर से कुछ भी हासिल नहीं होगा.

किशोर की कांग्रेस से लगभग एक साल से बात चल रही थी लेकिन अप्रैल में उन्होंने पार्टी का ऑफर मना कर दिया था.

किशोर ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘उदयपुर में हुए चिंतन शिविर के हासिल को लेकर मुझसे लगातार पूछा जा रहा था. मेरी नज़र में इससे कुछ भी हासिल नहीं हुआ बल्कि यथास्थिति ही कायम है. इससे कांग्रेस नेतृत्व को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मिलने जा रही हार तक के लिए समय दे दिया है.’

किशोर ने कांग्रेस में शामिल न होने के पीछे जो कारण बताया था उसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव के लिए उनकी योजना को लेकर कांग्रेस गंभीर थी. उनसे इम्पावर्ड एक्शन ग्रुप से जुड़ने को कहा गया था लेकिन कांग्रेस के संविधान में इसका प्रावधान नहीं था.

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5 मई को किशोर ने ऐलान किया कि 2 अक्टूबर को वो बिहार के चंपारण से 3 हजार किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे. उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए थे कि वो राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने जा रहे हैं.

बता दें कि प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव कैंपेन के लिए काम किया था. जिसके बाद उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार के साथ भी काम किया था.


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