नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के लिए इकट्ठा होने से एक दिन पहले, एक युवा सिविल सर्विसेज़ एस्पिरेंट को दिल्ली पुलिस ने आने वाले प्रोटेस्ट और उसके प्रोग्राम के बारे में जानकारी शेयर करने के लिए कथित तौर पर “परेशान” किया.
मामले का संज्ञान लेते हुए, लेफ्ट लीडर बृंदा करात ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की पोस्ट-ग्रेजुएट स्टूडेंट आहना सिंह कैथ से जुड़े मामले की जांच के लिए लिखा.
अपने पत्र में करात ने लिखा, “मैं राजेंद्र नगर थाने की ओर से की गई कथित गैरकानूनी कार्रवाई में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही हूं. जिन पुलिस अधिकारियों ने एक युवा महिला को परेशान करने, डराने, धमकाने और दबाव डालने के आदेश दिए या उन्हें लागू किया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.”
आहाना के मुताबिक, वह 5 जून को दोपहर करीब 12:15 बजे राजेंद्र नगर में अपने जिम पहुंची ही थीं कि रिसेप्शनिस्ट ने उन्हें बताया कि पुलिस उन्हें ढूंढ रही है. उन्होंने दिप्रिंट को बताया, “चार या पांच पुलिसवाले थे जिन्होंने मुझे जल्दी से घेर लिया और श्रीराम IAS के बेसमेंट में ले गए जहां उन्होंने मुझसे सवाल पूछे.”
आहाना ने याद किया कि उन्होंने पूछा था, “आप सीजेपी का हिस्सा हैं. हमें बताएं कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं? कल आपका क्या एक्शन प्लान है? यहां से कौन-कौन जा रहा है? आप अभी की सरकार के बारे में क्या सोचते हैं? आपका पॉलिटिकल झुकाव क्या है?”
जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रोटेस्ट 6 जून को हुआ था.
जब वे सीजेपी से किसी भी तरह के कनेक्शन से इनकार करती रहीं, तो पुलिस कथित तौर पर “उन्हें यह मानने के लिए मजबूर करती रही कि वह सीजेपी लीडर हैं”.
उन्होंने कहा, “जब मैं पार्टी से किसी भी तरह का जुड़ाव होने पर सहमत नहीं हुई, तो उन्होंने मेरा फोन चेक करने के लिए कहा लेकिन मैंने मना कर दिया. मैंने उनसे कहा कि चूंकि उनके पास वारंट नहीं है, इसलिए मैं उन्हें अपना फोन सिर्फ अपनी मौजूदगी में देखने की इज़ाज़त दे सकती हूं.”
इसके बाद, पुलिस ने कथित तौर पर उनके सामने उनके कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट देखे.
उन्होंने कहा, “वहां एक इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) ऑफिसर शिवम, सब-इंस्पेक्टर रीता और कुछ और ऑफिसर थे. फिर ऑफिसर्स ने मुझसे व्हाट्सऐप पर मेरी लाइव लोकेशन शेयर करने को कहा और बताया कि मेरे लिए एक ऑफिसर को असाइन किया गया है जो मेरे घर के पास तैनात रहेगा.”
शाम करीब 7:30 बजे जब आहाना को अनजान नंबरों से लगातार दो कॉल आए, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को कॉल की जानकारी दी. उन्होंने याद करते हुए कहा, “कॉल करने वालों ने मुझसे पूछा कि सीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए उन्हें कल (शनिवार) क्या करना चाहिए. मैंने उन्हें बताया कि मैं सीजेपी लीडर नहीं हूं और मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता.”
मास्टर्स की फाइनल ईयर की स्टूडेंट पहले स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का हिस्सा थी और जुलाई 2024 में जब तीन सिविल सर्विस कैंडिडेट एक बेसमेंट में डूब गए थे, तब उन्होंने राजेंद्र नगर में हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था.
इसके बाद, उसने पिछले अगस्त में राजधानी में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) के प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था.
उन्होंने दिप्रिंट को बताया, “एक साल से ज़्यादा समय से, मैं किसी आंदोलन का हिस्सा नहीं रही हूं और सिविल सर्विसेज़ एग्जाम की तैयारी कर रही हूं, लेकिन बिना किसी सबूत के मुझे परेशान किया गया और मेरी निगरानी की गई.”
डीयू की स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर रितु जाखड़ ने 5 जून (शुक्रवार) से 6 जून (शनिवार) दोपहर तक उनकी निगरानी की. “उन्होंने मुझसे कहा कि जब तक प्रोटेस्ट खत्म नहीं हो जाता, वह मुझ पर नज़र रखेंगी.”
उन्होंने आगे कहा कि जब उनके सेलफोन में ‘लाइव लोकेशन’ फीचर अपने आप बंद हो गया, तो जाखड़ कथित तौर पर उनके अपार्टमेंट में गईं और लगातार उनका डोरबेल बजाया. उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें बताया कि लाइव लोकेशन कुछ घंटों के बाद अपने आप बंद हो जाती है और मैं सो रही थी, इसलिए मैं उनका कॉल नहीं उठा सकी.”
आहाना ने आरोप लगाया कि सीजेपी प्रोटेस्ट से पहले कई स्टूडेंट, जिन्होंने पहले अलग-अलग स्टूडेंट आंदोलनों में हिस्सा लिया था, को बुलाया गया और उनके ठिकाने के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन वह अकेली थीं जिनकी इस हद तक निगरानी की गई.
डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने दिप्रिंट को बताया कि क्योंकि इलाके में पहले भी कई प्रोटेस्ट हुए थे, इसलिए पुलिस को जानकारी थी कि इलाके में भी ऐसा ही प्रोटेस्ट होगा.
उन्होंने कहा, “इसलिए पुलिस यह अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रही थी कि क्या इलाके में कोई प्रोटेस्ट होगा और उसका लेवल क्या होगा.” उन्होंने आगे कहा कि अगर “निगरानी” के बारे में कोई फॉर्मल शिकायत मिलती है, तो “मामले की पूरी जांच” की जाएगी.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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