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समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती के साथ | पीटीआई
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को यहां चुनावी बिगुल फूंकते हुए विपक्ष के प्रस्तावित महागठबंधन को ढकोसला बताया. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव दो विचारधाराओं के बीच का संग्राम होगा. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (भाजपा) इसलिए साथ आ रही हैं, क्योंकि उनको महसूस हो गया है कि वे अकेले अपने दम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पराजित नहीं कर सकते हैं.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2019 भाजपा के विस्तार का साल होगा. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें 35 दल शामिल हैं, लेकिन विपक्ष के पास एक भी नीतिवान नेता नहीं है.

भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन पर उन्होंने पार्टी नेताओं से आम चुनाव में वापस मोदी को लाने का संकल्प लेने की अपील की और कहा कि देश की जनता मजबूत सरकार को चुनेगी न कि मजबूर सरकार को.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार के अन्य सदस्यों के दबाव में शाह ने इस मौके का उपयोग करते हुए कहा कि भाजपा चाहती है कि संवैधानिक मानकों के अनुसार, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जल्द हो, लेकिन कांग्रेस राम मंदिर के निर्माण में रोड़ा अटका रही है.

उन्होंने कहा, ‘यह महागठबंधन एक ढकोसला है. हर कोई अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहा है. हमने उनको 2014 में हराया और अब फिर पराजित करने का वक्त आ गया है. राजनीति भौतिकी नहीं है, बल्कि रसायन शास्त्र है, जिसमें दो यौगिक जब मिलते हैं तो उनसे अनपेक्षित परिणाम आते हैं. वे अपने निजी हित और सत्ता के लिए एकजुट हुए हैं. यह ऐसा संग्राम है, जिसका असर आने वाली सदियों तक देखने को मिलेगा. इसलिए इसमें विजय हासिल करना जरूरी है.’

उत्तर प्रदेश में धुर विरोधियों के बीच प्रस्तावित गठबंधन को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने सवालिया लहजे में कहा कि अगर बुआ और भतीजा एक साथ होंगे तो क्या होगा. उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले वे एक-दूसरे का चेहरा भी नहीं देखना चाहते थे. वे एक साथ नहीं बैठ सकते थे.’

उन्होंने कहा, ‘हम उत्तर प्रदेश में 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल करने के लिए जंग लड़ने को तैयार हैं. हमें 74 (भाजपा और उसकी सहयोगियों को जितनी सीतें 2014 में मिली थीं, उससे एक अधिक) से कम सीटें नहीं मिलेंगी. यह हमारी ताकत, प्रधानमंत्री मोदी की ताकत की स्वीकृति है.’

उन्होंने कहा, ‘एक समय था, जब कांग्रेस बनाम सब होता था. आज यह गौरव की बात है कि मोदी बनाम सब है. अपने कठिन परिश्रम से वह भारतीय राजनीति का स्तंभ बन गए हैं.’

भाजपा कार्यकर्ताओं से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में दोबारा चुनने का संकल्प लेने की अपील करते हुए शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना पानीपत की लड़ाई से की.

शाह ने कहा कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पार्टी की पकड़ मजबूत बन रही है और वह व्यक्तिगत तौर पर केरल में भाजपा की सरकार देखना चाहते हैं.

विवादास्पद राम मंदिर मसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है कि पार्टी अपने पूर्व वादों से भटक गई है.

उन्होंने कहा, ‘1950 में जो विचारधारा शुरू हुई थी, वह उसी दिशा में निरंतर चल रही है. भाजपा चाहती है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जल्द हो, लेकिन कांग्रेस राम मंदिर के निर्माण में रोड़ा अटका रही है. भाजपा चाहती है कि सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर पर सुनवाई पूरी हो, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस यहां बाधा खड़ा कर रही है.’

उन्होंने उन मसलों का जिक्र किया, जो अगले तीन महीनों में भाजपा के चुनाव प्रचार के विषय होंगे, जिनमें अगड़ी जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण और शौचालय, गैस, आवास, आयुष्मान भारत और वित्तीय समावेशन समेत गरीबों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं.

शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह राफेल विमान सौदे के मसले को लेकर झूठ गढ़ रहे हैं. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठाया और कहा कि मोदी ने दुनिया में भारत का कद ऊंचा किया है.

शिवाजी और बाद के योद्धाओं के नेतृत्व में मराठों के उदय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1761 में पानीपत की लड़ाई में उनकी हार हो गई थी और बाद में देश 200 साल तक अंग्रेजों का गुलाम बन गया.

उन्होंने कहा, ‘वह निर्णायक संग्राम था. आज वही हालात है. देश की राजनीति में पिछले 70 सालों में काफी उत्थान-पतन का दौर देखा गया. भाजपा ने जनसंघ से अपनी यात्रा शुरू की और 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत हासिल किया. 2014 में छह राज्यों में भाजपा की सत्ता थी और अब 16 राज्यों में भाजपा सत्ता पर काबिज है.’

उन्होंने कहा कि मोदी की अगुवाई वाली सरकार पारदर्शी, निर्णायक, संवदेनशील और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘2014 में जब हम चुनाव में गए तो हमारे पास काडर थे. आज हमारे पास नौ करोड़ मजबूत सक्रिय कार्यकर्ता हैं. ये सरकारी 22 योजनाओं के लाभार्थी हैं. पिछली बार लोग मोदी को एक मौका देना चाहते थे, लेकिन इस बार हम अपने प्रदर्शन के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अधिकांश लोकप्रिय, परिश्रमी, पारदर्शी और दूरदर्शी नेता का नेतृत्व है. मैं उनके साथ 1987 से काम कर रहा हूं. वह कभी हारे नहीं हैं. रुकने का सवाल ही नहीं पैदा होता. हम 2019 में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ राजग की सरकार बनाएंगे.’

उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितना लोकप्रिय नहीं है.

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘2019 में मोदी की सरकार बनवा दीजिए, केरल तक भाजपा सरकार बना लेगी.’

भाजपा अध्यक्ष ने स्वच्छता, गंगा के पानी के शुद्धिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का जिक्र कर भाजपा सरकार की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा,’पिछले साढ़े चार सालों में 50 से ज्यादा ऐतिहासिक फैसले लिए गए. नौ करोड़ शौचालय बनाए गए. 2014 तक 60 करोड़ घर ऐसे थे, जिनके पास अपना बैंक खाता नहीं था, लेकिन मोदी सरकार ने एक झटके में ही इन सभी का खाता बैंकों में खोल दिया.’

भाषण की शुरुआत में शाह ने कहा, ‘पिछले एक हफ्ते में ही मोदी सरकार ने अहम फैसले लिए हैं. सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा और रोजगार में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला महत्वपूर्ण है, जिसे न सिर्फ कैबिनेट ने मंजूर किया, बल्कि संसद के दोनों सदनों में पास भी करा लिया गया.’

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत यहां शुक्रवार को हुई.

यहां रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय परिषद सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत भाजपा पदाधिकारियों ने दीप जलाकर किया. रामलीला मैदान में आयोजित इस सम्मेलन में भाजपा के 12,000 से अधिक सदस्य हिस्सा ले रहे हैं.


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