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दुर्घटनाग्रस्त हुए बोईंग 737 मैक्स8 का टुकड़ा/ सोशल मीडिया
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नई दिल्ली: इथोपियन एयरलाइंस का एक विमान रविवार को उड़ान भरने के कुछ देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में विमान में सवार चार भारतीयों सहित सभी 157 लोगों की मौत हो गई. एयरलाइन ने कहा कि इथोपिया की राजधानी से केन्या के नैरोबी के लिए उड़ान ईटी 302 में 149 यात्री व 8 क्रू मेंबर सवार थे.

इस हादसे के बाद से चीन ने अपनी सभी घरेलू विमानन कंपनियों से बोईंग 737 मैक्स 8 उड़ानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं.

वहीं भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज  ने भी इस दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. वह लगातार अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा कि इस दुर्घटना में मारे गए भारतीयों के परिवार वालों की मदद के लिए इथोपिया के भारतीय दूतावास को दिशा निर्देश दे दिया है.

वहीं उन्होंने अपने ट्वीट को रीट्वीट कर उनकी जानकारी को अधिक से अधिक फैलाने की बात कही है. कल क्रैश हुए बोइंग में पर्यावरण मंत्रालय की कसंलटेंट शिखा गर्ग भी थीं जो यूएनईपी की एक मीटिंग में शामिल होने के लिए नैरोबी जा रही थीं. सुषमा स्वराज ने इस दुर्घटना में मारे गए चारों भारतीयों के नाम वैद्य पन्नागणेश भास्कर, वैद्य हसिंन अन्नगेश, नुकावारपु मनीषा और शिखा गर्ग नाम लिखते हुए लोगों से गुजारिश की कि इन लोगों के परिवार वालों तक पहुंचने में मेरी मदद करें. वहीं उन्हें ट्वीट के माध्यम से पता चला कि वैद्य और हंसिनी पन्नागेश वैद्य के परिवार के छह लोग इस हादसे में मारे गए हैं.

चीन के नागर विमानन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, विमान से संबंधित सभी पहलुओं की पुष्टि होने के बाद ही बोईंग 737 मैक्स8 का व्यावसायिक इस्तेमाल फिर से शुरू होगा.

इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से नैरोबी के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद इथोपियन एयरलाइंस का एक विमान रविवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार चार भारतीय नागरिक, पर्यटकों और कारोबारियों सहित सभी 157 लोगों की मौत हो गई.

इस विमान हादसे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर शोक जताया. उन्होंने लिखा, “इथोपियन एयरलाइंस का विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में चार भारतीय और चार यूएन के स्टाफ भी थे. उनकी आत्मा को शांति मिले. मारे गए 149 यात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं.”

इथोपियन एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तेवोल्डे गेब्रेमारियम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस उड़ान में 30 से ज्यादा देशों के यात्री सवार थे. उन्होंने कहा कि इसमें 32 केन्याई, 18 कनाडा के, नौ इथोपिया, आठ इटली के, आठ चीन के, अमेरिका के आठ, ब्रिटेन के सात, फ्रांस के सात, मिस्र के छह, हॉलैंड के पांच, चार भारतीय व स्लोवाकिया के चार लोग सवार थे.

इस उड़ान में तीन ऑस्ट्रिया के, स्वीडेन के तीन, रूस के तीन, मोरक्को के दो, स्पेन के दो व इजरायल के दो लोग सवार थे. इसके अलावा बेल्जियम, इंडोनेशिया, सोमालिया, नार्वे, सर्बिया, टोगो, मोजाम्बिक, रवांडा, सूडान, युगांडा व यमन, प्रत्येक से एक यात्री थे.

विमान उड़ान भरने के छह मिनट बाद सुबह 8.44 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ. दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है. एयरलाइन ने कहा कि पायलट ने कथित तौर दिक्कत की बात कही थी और अदीस अबाबा वापस लौटने के लिए कहा था.

मारे जाने वाले लोगों की पहली पुष्टि इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद द्वारा ट्विटर पर मृतकों के प्रति ‘गहरी संवेदना’ जताने पर हुई. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि विमान के जमीन पर गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई.

‘विस्फोट व आग इतनी भयावह थी कि हम उसके नजदीक नहीं जा सके.’ उन्होंने कहा, “सब कुछ जल चुका है. वर्तमान में घटनास्थल के पास चार हेलीकॉप्टर हैं.”

इससे पहले एक बयान में एयरलाइन ने कहा कि बिशोफतु शहर के करीब दुर्घटना स्थल के निकट तलाश व बचाव अभियान चल रहा है.

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)


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