Saturday, 21 May, 2022
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‘धर्म संसद’ में कथित घृणा भाषणों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

उत्तराखंड में हुए धर्म संसद में कथित तौर पर अल्पसंख्यकों को खिलाफ हिंसा भड़काने वाले भाषण दिए जाने का आरोप लगा था. इस सिलसिले में जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी.

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नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय उत्तराखंड के हरिद्वार में हाल में हुई ‘धर्म संसद’ के दौरान घृणा भाषण देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई के लिए राजी हो गया.

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उन दलीलों पर गौर किया कि घृणा भाषण देने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

सिब्बल ने कहा, ‘हरिद्वार में 17 और 19 दिसंबर को धर्म संसद में जो हुआ, उस संबंध में मैंने यह जनहित याचिका दाखिल की है. हम मुश्किल दौर में जी रहे हैं जहां देश में ‘सत्यमेव जयते’ का नारा बदल गया है.’

बता दें कि उत्तराखंड में हुए धर्म संसद में कथित तौर पर अल्पसंख्यकों को खिलाफ हिंसा भड़काने वाले भाषण दिए जाने का आरोप लगा था. इस सिलसिले में जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी.

असदुद्दीन ओवैसी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने इसकी आलोचना करते हुए तुरंत कार्रवाई की जाने की मांग की थी. हरिद्वार के वेद निकेतन धाम में यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चला था.


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