Wednesday, 29 June, 2022
होमदेशगुरुग्राम में एमबीबीएस स्नातक से 52 लाख रुपये की ठगी

गुरुग्राम में एमबीबीएस स्नातक से 52 लाख रुपये की ठगी

Text Size:

गुरुग्राम, 26 मई (भाषा) कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाने के बहाने एमबीबीएस स्नातक से कथित तौर पर 52 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया सेक्टर-चार के निवासी शुभांशु वत्स ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें कोलकाता के जादवपुर में केपीएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रवेश दिलाने के लिए उनके फोन पर एक संदेश आया था।

उन्होंने पुलिस को बताया कि दिए गए नंबर पर फोन करने पर किसी सतीश मलिक नाम के व्यक्ति ने जवाब दिया और उनसे उनके दस्तावेज़ व्हाट्सएप पर और बाद में ई-मेल पर भेजने के लिए कहा।

13 मार्च को मलिक ने उनसे मेडिकल कॉलेज के नाम 23 लाख रुपये का मांग ड्राफ्ट (डीडी) मांगा था। हालांकि, वत्स ने केवल आठ लाख रुपये का डीडी भेजा।

वत्स ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा कि तीन दिनों के बाद जब वह कोलकाता स्थित कॉलेज गए तो मलिक ने उनका परिचय तीन लोगों से करवाया, जिन्होंने उनका डीडी वापस कर दिया और उन्हें प्रबंधन कोटे के तहत प्रवेश के लिए किसी डॉक्टर एन पी दत्ता को 50 लाख रुपये देने के लिए कहा।

वत्स ने बताया कि दत्ता 19 मार्च को गुरुग्राम आए और उनसे पैसे लेकर एक आवंटन पत्र दिया जो बाद में फर्जी निकला।

वत्स ने यह भी कहा कि उन्होंने एक व्यक्ति, बुध सिंह के खाते में पंजीकरण शुल्क के रूप में दो लाख रुपये भी जमा किए।

पुलिस ने बताया सभी आरोपियों के फोन बंद आने के बाद डॉक्टर ने पुलिस से संपर्क किया और कॉलेज ने पुष्टि की कि उनका आवंटन पत्र फर्जी था।

अधिकारी के मुताबिक, पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने विशेष जांच की और आरोपों को सही पाया।

सेक्टर-नौ थाने में पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सेक्टर-नौ थाने के एसएचओ मनोज कुमार ने कहा ”हम मामले की जांच और आरोपियों को पकड़ने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”

भाषा फाल्गुनी मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments