11 अप्रैल 2021 को कुंभ के दौरान हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं की लगी भीड़/पीटीआई
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नई दिल्ली: हरिद्वार के कुंभ मेला से दिल्ली लौटने वाले सभी प्रदेश वासियों को 14 दिन के अनिवार्य क्वारेंटाइन में रहना होगा. शनिवार रात डीडीएमए ने ये आदेश जारी किया है. दिल्ली में कोविड के बढ़ते मामलों के बीच ये फैसला लिया गया है. शनिवार को दिल्ली में एक दिन में 24 हजार से ज्यादा संक्रमण के मामले दर्ज किए गए.

आदेश में कहा गया है कि 4 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक हरिद्वार कुंभ मेला से दिल्ली आने वाले लोगों को दिल्ली सरकार के पोर्टल पर अपनी जानकारी देनी होगी.

आदेश में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया को देखने के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी बनाया गया है.

वहीं इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर केंद्र और अन्य से मांग की गई है कि देश भर में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार से ‘भीड़’ हटाई जाए और कुंभ मेला से लौटने वाले लोगों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल तय की जाए.

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दिल्ली की ही तरह मध्य प्रदेश सरकार ने भी हरिद्वार कुंभ मेले से लौटने वाले सभी श्रद्धालुओं को उनके निवास ग्राम या नगर में पहुंचते ही ‘स्व-पृथकवास’ में रहने का आदेश दिया है.

गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला कलेक्टरों को इसका प्रचार-प्रसार करने के लिये निर्देशित किया गया है.

बता दें कि देश में साधुओं के 13 प्रमुख अखाड़ों में से एक जूना अखाड़ा ने शनिवार को हरिद्वार कुंभ से अपनी भागीदारी समाप्त करने की घोषणा कर दी.

जूना अखाड़ा ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के कुछ घंटों बाद लिया जिसमें उन्होंने कोरोनावायरस से संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हरिद्वार में चल रहे कुंभ में हिस्सेदारी सांकेतिक रखने को कहा था.

बीते दिनों में हरिद्वार में कोविड संक्रमितों की संख्या में काफी वृद्धि हुई जिस कारण सभी मांग कर रहे हैं कि कुंभ मेला को रद्द कर दिया जाए.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)


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