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Wednesday, 24 July, 2024
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राजकोट नगर निगम कर्मियों ने अग्निकांड के अगले दिन सबूत नष्ट करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए: पुलिस

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राजकोट, 16 जून (भाषा) गुजरात के ‘राजकोट गेम जोन अग्निकांड’ मामले में गिरफ्तार नगर निगम कर्मियों ने कथित तौर पर सबूत नष्ट करने एवं गिरफ्तारी से बचने के लिए घटना के एक दिन बाद पिछली तारीख से प्रविष्टियां शामिल करके दस्तावेजों में जालसाजी की साजिश रची थी। पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है।

गुजरात के राजकोट में 25 मई को ‘टीआरपी गेम जोन’ में भीषण अग्निकांड में 27 लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

जांच अधिकारी ने शुक्रवार को अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट बी. पी. ठाकर के समक्ष दायर अर्जी में कहा, ‘‘इस मामले की जांच के दौरान यह पता चला है कि राजकोट नगर निगम के गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों ने टीआरपी जोन की पहले से तैयार की गई एक योजना को मंजूरी देने की साजिश रची, जहां आग लगने के एक दिन बाद पिछली तारीख में प्रविष्टियां शामिल कर सबूत नष्ट किए गए।”

पुलिस ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों ने घटना के एक दिन बाद 26 मई को सबूतों को नष्ट करने के लिए टीआरपी गेम जोन की योजना से संबंधित रजिस्टर में जाली प्रविष्टियां की और उन प्रविष्टियों की तारीख चार मई 2024 बताई।

अर्जी में कहा गया है कि आरोपी ने चार मई की प्रविष्टि के संबंध में नौ मई, 2024 को एक पूछताछ पत्र भी तैयार किया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपने पास रखे फर्जी रजिस्टर में दर्ज गलत जानकारी पेश की। उन्होंने आरएमसी के पश्चिमी क्षेत्र के कार्यालय के रजिस्टर में भी हेराफेरी की।

पुलिस ने अदालत को बताया कि रजिस्टर में इसलिए जालसाजी की गई थी, ताकि यह दिखाया जा सके कि गेम जोन प्रबंधन ने सुविधा के नियमितीकरण के लिए आवेदन किया था और आरएमसी ने इसके लिए सवाल भी उठाए थे।

उन्होंने कहा कि ये कृत्य जालसाजी, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत अपराध हैं।

भाषा

प्रीति सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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