Tuesday, 4 October, 2022
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त्रिपुरा पुलिस ने पानीसागर मस्जिद में आगजनी को बताया फेक, तनाव वाले क्षेत्रों में हिंसा रोकने के लिए सुरक्षाबल तैनात

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दूओं पर हमले किए गए जिनमें कई लोगों की जान चली गई. इसके बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), आरएसएस और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने नॉर्थ त्रिपुरा में कई 'हुंकार' रैली निकालीं.

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नई दिल्ली: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में मस्जिदों और मुसलमानों की संपत्तियों पर हमलों के बाद तनाव बरकरार है, जिसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इसके बाद से किसी तरह की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. गोमती, सिपाहीजला, अगरतला, उनाकोटी, धर्मनगर समेत कई क्षेत्रों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं.

त्रिपुरा पुलिस आईजीपी कानून व्यवस्था सौरभ त्रिपाठी ने पानीसागर की मस्जिद में आगजनी के वायरल वीडियो को फेक बताया है. उन्होंने कहा, ‘जो लोग फर्जी अकाउंट बना कर गलत जानकारी साझा कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘ट्विटर और फेसबुक पर देशद्रोही और शरारती तत्व फर्जी खबरें और अफवाहें फैला रहे हैं. जो वीडियो और तस्वीरें फैलाई जा रही हैं, उनका पानीसागर की घटना से कोई संबंध नहीं है. किसी भी मस्जिद में आग की कोई घटना नहीं हुई.’

बता दें कि कुछ समय पहले बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दूओं पर हमले किए गए जिनमें कई लोगों की जान चली गई. इसकी प्रतिक्रिया में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), आरएसएस और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने नॉर्थ त्रिपुरा में कई ‘हुंकार’ रैली निकालीं जिसके बाद हिंसक घटनाएं शुरू हो गई. खबरों के मुताबिक अभी तक दर्जनों से ज्यादा मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया है.

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वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिंसा की निंदा करते हुए सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने गुरुवार को ट्वीट कर सवाल पूछा कि सरकार कब तक अंधी-बहरी होने का नाटक करती रहेगी? उन्होने ट्वीट किया कि ‘त्रिपुरा में हमारे मुसलमान भाइयों पर क्रूरता हो रही है. हिंदू के नाम पर नफ़रत व हिंसा करने वाले हिंदू नहीं, ढोंगी हैं. सरकार कब तक अंधी-बहरी होने का नाटक करती रहेगी?’

 


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दंगों को रोकने का प्रयास

दिप्रिंट को स्थानीय लोगों ने बताया कि मुसलमानों ने घरों से बाहर निकलकर अपनी संपत्ति और मस्जिदों की सुरक्षा करनी शुरू कर दी है.

त्रिपुरा के कदमताल में रहने वाले स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के छात्र नेता सुल्तान ने दिप्रिंट को बताया, ‘मंगलवार शाम में कदमतला में आरएसएस और बीजेपी के लोग रैली निकाल कर बाजार मस्जिद पर आने वाले थे. यह जानने के बाद लगभग पांच हज़ार मुस्लिम आधे घंटे के भीतर जमा हो गए. पुलिस ने स्थिति को देखते हुए वहां धारा 144 लगा दी. चुड़ाईबाड़ी इलाके में भी ‘हुंकार’ रैली होने की जानकारी मिलने के बाद लगभग 200 मुस्लिमों ने ह्यूमन चैन बनाकर मस्जिद की सुरक्षा की लेकिन पुलिस ने हालात को देखते हुए उन्हें वहां से हटा दिया.’

त्रिपुरा के लोगों का आरोप है कि एक हफ्ते से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. यहां तक कि अभी तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है.

सुल्तान ने बताया कि इस पूरी हिंसा के दौरान पुलिस ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रखा है. उन्होंने कहा, ‘जिन इलाकों में रैली के दौरान हिंसा फैलाई गई वहां पुलिस ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. अगर वह पहले ही कुछ कदम उठा लेती तो यह घटनाएं नहीं बढ़ती.’

उन्होंने कहा, ‘हमें जानकारी मिली है कि कुछ क्षेत्रों में जहां तोड़फोड़ की गई वहां लोग पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर गए थे लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की.’

स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकर्ता शफीक़ उर रहमान ने बताया कि पदमाबिल क्षेत्र में अभी भी हिंसा होने की संभावना है लेकिन वहां सुरक्षा बल तैनात कर दी गई है. वहां लोग बाहर निकलकर भी पहरेदारी कर रहे हैं ताकि कोई नुकसान ना हो. लेकिन तनाव का माहौल अभी भी बना हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘शुक्रवार की नमाज़ के लिए लोग घरों से बाहर निकलेंगे और हमें डर है कि इस बीच हम पर हमले ना हो जाएं.’

सुल्तान ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में जो दंगे हुए हैं उसकी आड़ लेकर हिंसा करना सिर्फ एक बहाना है, दरअसल चुनावों को देखते हुए बीजेपी यह सब करा रही है. उसने यह सब आगामी उत्तर प्रदेश और 2023 में राज्य में होने वाले चुनावों को देखते हुए किया है.

धर्मनगर के पुलिस अधीक्षक भानू चक्रवर्ती ने कार्रवाई ना करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

दिप्रिंट से उन्होंने कहा, ‘हुंकार रैली को अनुमति मिली हुई है और जो बिना इजाज़त के हो रही हैं उनके खिलाफ जांच कर के कार्रवाई की जाएगी. अभी पुलिस ने चार केस दर्ज किए हैं और उनकी हम जांच कर रहे हैं.’


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