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असम में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी/ बीजेपी ट्वीटर
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान दो हवाईअड्डों, एक सुरंग और एक फिल्म संस्थान सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्धघाटन किया. यहां पहुंचने के बाद मोदी ने होल्लोंगी में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे, सेला सुरंग और भारतीय फिल्म एवं टेलिविजन संस्थान (एफटीआईआई) के स्थायी कैंपस के निर्माण की आधारशिला रखी.

उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के लिए समर्पित दूरदर्शन चैनल डीडी अरुणा प्रभा को भी लॉन्च किया और 110 मेगावॉट पारे पनबिजली संयंत्र के साथ उन्नत तेजू हवाईअड्डा और पहाड़ी राज्य में 10 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का उद्धघाटन किया. मोदी ने यहां आईजी पार्क में एक विशाल रैली को संबोधित किया और लोगों से केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार साल में पूर्वोत्तर में किए कार्यो की तुलना पिछले 55 वर्षों से करने का आग्रह किया.

कांग्रेस पार्टी पर साधा निशाना

इशारों इशारों में पीएम मोदी ने एकबार फिर कांग्रेस पार्टी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला. पीएम ने अपने बीसी और एडी शब्दों को फिर से दोहराया और कहा बीसी और एडी यानि बिफोर कांग्रेस और आफ्टर डायनेस्टी का ही गौरवगान करने वालों से मैं आज यहां से पूछना चाहता हूं कि आखिर आपने भारत के सच्चे रत्नों को न पहचानने का कुटिल खेल दशकों तक क्यों खेला.

आखिर ऐसा क्यों रहा कि कुछ लोगों के लिए जन्म लेते ही उनके लिए भारत रत्न तय हो जाता था और देश के मान-सम्मान के लिए जिन्होंने जीवन लगा दिया उनको सम्मानित करने के लिए दशक लग जाते थे? आज मुझे गर्व है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय ही असम के दो सपूतों, गोपीनाथ बोरदोलोई और भुपेन हजारिका को भारत रत्न देने का काम किया है.

पीएम ने अंतरिम बजट की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि मैंने नॉर्थईस्ट के बजट में 21 फीसदी की बढ़ोतरी की है और यह मेरा पूर्वोत्तर राज्यों के प्रति प्यार भी दिखाता है. पीएम ने कहा कि आज पूरा देश देख रहा है कि चौकीदार की चौकसी से कैसे भ्रष्टाचारी बौखलाए हुए हैं और सुबह-शाम मोदी-मोदी के नाम की रट लगाए हुए हैं.

नागरिकता संशोधन विधेयक क्यों जरूरी है

प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन का विषय सिर्फ असम या नॉर्थ ईस्ट से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश के अनेक कई राज्यों और हिस्सों में मां भारती पर आस्था रखने वाली संताने हैं, ऐसे लोग हैं जिन्हें अपनी जान बचाकर भारत आना पड़ा है. इनमें सेआने वाले चाहें पाकिस्तान के हों या फिर अफगानिस्तान के या फिर बांग्लादेश के ये सभी 1947 से पहले भारत का ही हिस्सा थे. उस दौरान आस्था के आधार पर देश का विभाजन हुआ, हमसे अलग हुए देशों में जो अल्पसंख्यक यानि हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध पारसी और ईसाई, वहां रह गए थे उनको संरक्षण देना हमारा दायित्व है.

पूर्वोत्तर का विकास कर एक मजबूत, बेहतर भारत का निर्माण होगा

मोदी ने कहा, ‘सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने विकासात्मक कार्यो की शुरुआत की. मेरा मानना है कि हम पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास कर एक मजबूत व बेहतर भारत का निर्माण कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश के लिए पहले ही 44 हजार करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है.

उन्होंने कहा, ‘मैं आज दो हवाईअड्डों का उद्धघाटन कर खुश हूं. ऐसा अरुणाचल प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ कि एक दिन में दो हवाईअड्डों का उद्धघाटन हुआ हो.’

मोदी ने कहा, ‘दो हवाईअड्डे राज्य में और अधिक पर्यटक लाने में मददगार साबित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार अवसरों में मदद करेंगे.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हवाईअड्डों की गैरमौजूदगी में अरुणाचल प्रदेश के लोगों को सड़क से गुवाहाटी जाना पड़ता था. यह हवाईअड्डे राज्य के लोगों को सीधी उड़ान सेवा मुहैया कराएंगे.’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने रेल लाइन विस्तार के लिए सात सर्वे को भी मंजूरी दी है, जिसमें से तीन पूरे हो चुके हैं.

मोदी ने कहा कि केंद्र ने 850 मेगावॉट ऊर्जा पैदा करने वाली परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र को फायदा होगा. मोदी शुक्रवार शाम को गुवाहाटी पहुंचे थे. हवाईअड्डे से राजभवन की ओर जाते हुए उन्हें नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने काले झंड़े दिखाए थे.

शनिवार सुबह राजभवन से निकलने के बाद जब मोदी अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हो रहे थे तो एक छात्र समूह ने फिर से प्रधानमंत्री को काले झंड़े दिखाए.

बुनकरों से मिलकर बढ़ाया हौसला

अपने एक दिवसीय के दौरान पीए मोदी ईटानगर में शनिवार को राजभवन के सामने प्रदर्शित करघे के एक सेट पर पहुंचे और बुनकरों से बात भी की. अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा(सेवानिवृत) और मुख्यमंत्री पेमा खांडू इस अवसर पर अन्य लोगों के साथ मौजूद थे.

बुनकरों से बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने करघे के चलाए जाने के तौर-तरीके में रुचि दिखाई. उन्होंने करघे के लिए उपलब्ध धागे के बारे में पूछा. राज्य के राज्यपाल और पहली महिला नीलम मिश्रा की पहल से यहां स्वदेशी करघे के सेट की प्रदर्शनी लगाई गई थी.

पारंपरिक करघे के जरिए यहां बुनाई करना एक कला है, जिसे अरुणाचल प्रदेश में महिलाएं पीढ़ियों से करती आ रही हैं.

 

(आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)


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