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Monday, 22 July, 2024
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प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

अधिकारियों ने बताया कि मोदी-हसीना वार्ता का मुख्य उद्देश्य व्यापार, संपर्क और ऊर्जा के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करना था.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ शनिवार को व्यापार और संपर्क सहित विविध क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए व्यापक बातचीत की.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शुक्रवार से दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं. लोकसभा चुनाव के बाद भारत में नई सरकार के गठन के बाद, किसी विदेशी नेता की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा,‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता से पहले हैदराबाद हाउस में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का गर्मजोशी से स्वागत किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों नेता 2019 से दस बार मुलाकात कर चुके हैं, जिससे रिश्तों में अभूतपूर्व बदलाव आया है.’’

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हसीना ने सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री के साथ वार्ता से पहले हसीना का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में रस्मी स्वागत किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि मोदी-हसीना वार्ता का मुख्य उद्देश्य व्यापार, संपर्क और ऊर्जा के क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करना था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया.

आदान-प्रदान किए गए समझौतों में भारत-बांग्लादेश डिजिटल साझेदारी के लिए एक साझा दृष्टिकोण शामिल था: बांग्लादेश के विदेश सचिव मसूद बिन मोमेन और भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने डिजिटल सहयोग में आपसी प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए दस्तावेज़ आदान-प्रदान किए.

भारत-बांग्लादेश हरित भागीदारी पर एक साझा दृष्टिकोण पर्यावरणीय पहलों और सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित था.

समुद्री सहयोग और ब्लू इकोनॉमी पर एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया: समुद्री सुरक्षा, सहयोग और ब्लू इकोनॉमी क्षेत्र में अवसरों की खोज में संबंधों को मजबूत करना.

स्वास्थ्य और मेडिकल पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को रिन्यू किया गया, जो दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा में चल रहे सहयोग को दर्शाता है.

इसके अलावा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उपग्रह संचार में सहयोग बढ़ाने के लिए इन-स्पेस और बांग्लादेश के आईसीटी और दूरसंचार मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया, जिस पर बांग्लादेश सैटेलाइट कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष और सीईओ शाहजहां महमूद और अंतरिक्ष विभाग के सचिव एस सोमनाथ ने हस्ताक्षर किए.

भारत के रेल मंत्रालय और बांग्लादेश के रेल मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया. रेलवे संपर्क बढ़ाने और सीमा पार परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान मोहम्मद हुमायूं कबीर और रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया सिन्हा ने किया.

समुद्र विज्ञान में संयुक्त अनुसंधान और अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए समुद्र विज्ञान में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया, जिस पर भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान और बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने हस्ताक्षर किए.

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री हसीना ने मत्स्य पालन में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण की भी देखरेख की, जो स्थायी मत्स्य पालन प्रबंधन और जलीय कृषि में संयुक्त प्रयासों को जारी रखेगा.

डीएसएससी (रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज) वेलिंगटन और डीएससीएससी (रक्षा सेवा कमान और स्टाफ कॉलेज) मीरपुर के बीच भी एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया, जो रक्षा के क्षेत्र में आदान-प्रदान किए गए सैन्य शिक्षा और रणनीतिक अध्ययन सहयोग को बढ़ावा देगा.

हसीना भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के उन सात शीर्ष नेताओं में शामिल थीं, जो नौ जून को राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे.

पिछले कुछ वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच समग्र सामरिक संबंध तेजी से बढ़े हैं.


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