Sunday, 3 July, 2022
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मोदी सरकार ने 2020 में 9,849 सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक करने के आदेश दिए, 2014 से 2,000% ज़्यादा

IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने संसद को बताया, कि अकाउंट्स को ब्लॉक करने में ‘उचित प्रक्रिया’ का पालन किया गया, और ये खुले, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट के मिशन के अनुरूप था.

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नई दिल्ली: केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को एक लिखित जवाब में संसद को सूचित किया कि 2020 में 9,849 सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक किए गए, जो 2014 के बाद से 2,000 प्रतिशत उछाल था, जब 471 अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया था.

चंद्रशेखर ने कहा कि इन अकाउंट्स को नामित नोडल अधिकारियों के अनुरोध पर ब्लॉक किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने ‘उचित प्रक्रिया’ का पालन किया, जैसा कि आईटी एक्ट की धारा 69-ए के तहत अधिसूचित, आईटी (लोगों द्वारा सूचना को पहुंचने से रोकने के लिए प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय) नियम, 2009, में उल्लिखित है.

एक और प्रश्न के उत्तर में, चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार इस बात से सचेत थी कि सोशल मीडिया का ‘दुरुपयोग’ एक ‘जोखिम और ख़तरे’ का स्रोत है. उन्होंने आगे कहा कि नुक़सान से निपटने और उसे कम से कम करने के लिए और साथ में एक ‘खुले, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह इंटरनेट’ के लिए, सरकार ने आईटी एक्ट के अंतर्गत आईटी (मधयवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 प्रकाशित किए थे.

चंद्रशेखर ने सदन को बताया कि केंद्रीय और राज्य प्रवर्त्तन एजेंसियां, उचित क़ानूनी कार्रवाई कर सकती हैं, और गूगल तथा यूट्यूब जैसे मध्यस्थों से, आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का अनुरोध कर सकती हैं.


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प्रदर्शनों के दौरान ब्लॉक हुए प्रोफाइल्स की संख्या तेज़ी से बढ़ी

मंत्री के जवाब के अनुसार, 2014 में केवल 471 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया था. 2017 में ये संख्या 1,385 थी, जो 2018 में 2,799 और 2019 में 3,635 हो गई. साल 2020 में ये संख्या 170 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 9,849 हो गई, जिस दौरान नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ तीव्र प्रदर्शन देखे गए, और तीन विवादास्पद कृषि क़ानून पारित किए गए, जिन्हें अब वापस ले लिया गया है.

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इस साल फरवरी में, ट्विटर ने सरकार के अनुरोध पर 250 अकाउंट्स को ब्लॉक किया. इन अकाउंट्स में कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणियां की गईं थीं, और एक हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की चढ़ाई के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्रवाई को ‘नरसंहार’ क़रार दिया गया था. जिनके अकाउंट्स ब्लॉक किए गए उनमें कारवां पत्रिका, किसान एकता मोर्चा, कार्यकर्त्ता हंसराज मीणा, लेखिका संयुक्ता बासु, सीपीआई(एम) नेता मोहम्मद सलीम, विधायक जरनैल सिंह और अर्थशास्त्री अजीत रानाडे आदि शामिल थे.

मार्च में, तत्कालीन सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री संजय धोतरे ने संसद को बताया था कि सरकार ने 2020 में ट्विटर से 2,731 अकाउंट्स ब्लॉक करने को कहा था, जो संख्या 2019 के 1,041 और 2018 के 224 से बढ़ गई थी. फेसबुक से 2020 में 1,717 अकाउंट्स बंद करने को कहा गया, जबकि 2019 में ये संख्या 2,049 और 2018 में केवल 155 थी.

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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