Monday, 27 June, 2022
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मोदी सरकार का बुनियादी ढांचे पर जोर जारी, हाईवेज, ट्रांसपोर्ट और ‘नल का जल’ के लिए बजट में बड़ी उछाल

वित्त मंत्री का कहना है कि लोगों और सामानों की तेज आवाजाही की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे के लिए गति शक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. इसके तहत 2022-23 में 25,000 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा.

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नई दिल्ली: गति शक्ति मास्टर प्लान और नदियों को आपस में जोड़ने वाली पांच परियोजनाओं की मंजूरी से लेकर 25,000 किलोमीटर नयी एक्सप्रेसवे सड़कें बिछाने की योजना तक; राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, आवास, परिवहन, कार्गो टर्मिनलों और पीने योग्य नल के जल के कनेक्शन के लिए किये गए आवंटन में हुई तीव्र वृद्धि – जैसा कि पहले से अपेक्षित था – के साथ मोदी सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे पर दिया जा रहा जोर 2022-23 के बजट में भी जारी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए ‘पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान’ 2022-23 में तैयार किया जाएगा, ताकि लोगों और सामानों की तेजी से आवाजाही हो सके. सीतारमण ने कहा ‘गति शक्ति मास्टर प्लान में सात इंजन शामिल हैं – सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, जन परिवहन, जलमार्ग और आर्थिक परिवर्तन के लिए साजो-सामान का बुनियादी ढांचा, निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सिनर्जी.’

राजमार्ग क्षेत्र के लिए आवंटन में 68% की वृद्धि, ग्रामीण सड़कों को भी मिला बढ़ावा

2022-23 के बजट में प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों, विशेष रूप से राजमार्गों के लिए पूंजीगत व्यय में बड़ा उछाल आया है. राजमार्ग क्षेत्र (हाईवे सेक्टर) के लिए कुल आवंटन वित्त वर्ष 2021-22 में किये गए 1.18 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इसके अलावा, सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों में और इज़ाफ़ा करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे.

हालांकि 2022-23 में 25,000 किलोमीटर एक्सप्रेसवे बनाने के काम को पूरा करना इसके बारे में बात करने जितना आसान नहीं है. चालू वित्त वर्ष में, राजमार्ग मंत्रालय ने 12000 किलोमीटर राजमार्ग बनाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन कोविड -19 महामारी के कारण यह काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. फिर भी, राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने को लेकर आश्वस्त हैं. राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस क्षेत्र में विकास की बड़ी भूख है.’

भारतमाला और दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरु-चेन्नई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सहित कई बड़ी परियोजनाओं, जो पहले से ही चल रही हैं और जिनके लिए धनराशि के स्थिर प्रवाह की जरूरत, को देखते हुए राजमार्ग क्षेत्र के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि आवश्यक हो गया था.

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‘पर्वतमाला’, नाम से एक राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम भी एक सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत अपनाया जाएगा, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों और कठिन इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार हो और पारंपरिक सड़कों के लिए पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ विकल्प प्रदान किया जा सके. सीतारमण ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 60 किलोमीटर लम्बी 8 रोपवे परियोजनाओं के लिए आवंटन किया जाएगा.

पीएम ग्राम सड़क योजना, जो एक ग्रामीण सड़क संपर्क कार्यक्रम है, के आवंटन में भी वृद्धि देखी गई – 2021-22 में आवंटित 14,000 करोड़ रुपये से बढ़कर यह 2022-23 में 19,000 करोड़ रुपये तक हो गया है.


यह भी पढ़ें: डिजिटल यूनिवर्सिटी, 400 नई वंदे भारत ट्रेन, 25 हजार किमी हाईवेज का निर्माण समेत बजट 2022 की अहम घोषणाएं


400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनें, 100 कार्गो टर्मिनल

वित्तमंत्री सीतारमण ने अगले तीन वर्षों के दौरान बेहतर ऊर्जा दक्षता और यात्रियों के लिए बेहतर सफर के अनुभव के साथ 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनों के विकास की भी घोषणा की.

इसके अलावा, वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा और क्षमता में वृद्धि के लिए 2,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क को ‘कवच’ योजना के तहत लाया जाएगा. बता दें कि ‘कवच’ ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित टक्कर रोधी उपकरण है.

वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि अगले तीन वर्षों के दौरान मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए 100 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल भी विकसित किए जाएंगे.

एनडीए सरकार की पसंदीदा योजनाओं, हर घर नल का जल और पीएम आवास योजना के आवंटन में उछाल देखा गया.

हर घर जल और पीएम आवास योजना में आवंटन में बड़ी उछाल देखी गई

2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम करने वाले नल के साथ पेयजल का कनेक्शन प्रदान करने के लिए चलायी जा रही मोदी सरकार की एक प्रमुख योजना ‘हर घर जल’ योजना के लिए आवंटन में भी वृद्धि देखी गई – यह 2021-22 में दिए गए 50,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में यह 60,000 करोड़ रुपये हो गया है. सरकार की योजना 2022-23 के वित्त वर्ष में 3.8 करोड़ ग्रामीण परिवारों को इस कार्यक्रम के दायरे में लाने की है.

पेयजल और स्वच्छता विभाग की सचिव विनी महाजन ने पिछले हफ्ते ही दिप्रिंट को दिए गए एक साक्षात्कार में बताया था कि केंद्र सरकार ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उसकी इस प्रमुख योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी.

सीतारमण ने कहा कि एक ओर जहां सरकार पहले ही 900,000 किसानों को लाभान्वित करने के लिए 44,605 करोड़ रुपये की लागत से केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना शुरू कर चुकी है, वहीं नदियों को आपस में जोड़ने वाली पांच परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का मसौदा तैयार किया गया है. ये परियोजनाएं हैं – दमनगंगा-पिंजल, पर-तापीनर्मदा, गोदावरी-कृष्णा, कृष्णा-पेन्नार और पेन्नार-कावेरी.

सीतारमण ने कहा, ‘लाभान्वित होने वाले राज्यों के बीच आम सहमति बनने के बाद केंद्र सरकार इसके कार्यान्वयन के लिए सहायता प्रदान करेगी.’

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा हर शहरी परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए चलाये जा रहे मोदी सरकार के एक अन्य प्रमुख कार्यक्रम, पीएम आवास योजना को भी वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 48,000 करोड़ रुपये आवंटित किया गए हैं. इस मंत्रालय के लिए किया गया कुल आवंटन भी 2021-22 में दिए गए 54581 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 76549 करोड़ रुपये हो गया है.

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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