गुवाहाटी, 29 नवंबर (भाषा) असम के विधायक शरमन अली अहमद को शनिवार को विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने के कारण कुछ समय के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।
वहीं विपक्षी दल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी द्वारा तेजपुर विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद सदन से बहिर्गमन किया।
इससे पहले विधानसभा के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए अहमद का निलंबन शुक्रवार को रद्द कर दिया गया था।
कांग्रेस से निलंबित अहमद प्रश्नकाल के अंत में व्यवस्था पर एक प्रश्न उठाना चाहते थे।
अध्यक्ष दैमारी ने अहमद से पूछा कि वह किस नियम के तहत यह मुद्दा उठाना चाहते हैं।
अहमद ने सीधा जवाब नहीं दिया और बोलना जारी रखा, जिसके कारण अध्यक्ष ने उन्हें कुछ समय के लिए सदन से निलंबित कर दिया।
उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों पर अहमद और कांग्रेस विधायक नूरुल हुदा को मंगलवार को पहले दिन पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था।
हालांकि, सभी दलों के विधायक दल के नेताओं के अनुरोध के बाद दैमारी ने शुक्रवार को दिन की कार्यवाही के अंत में उनका निलंबन रद्द कर दिया।
कांग्रेस और माकपा के विधायकों ने दैमारी द्वारा तेजपुर विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की अनुमति न दिए जाने के बाद सदन से बहिर्गमन किया।
अध्यक्ष दैमारी ने कहा कि किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े मामले पर चर्चा नहीं हो सकती।
विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक देबब्रत सैकिया ने दैमारी से जानना चाहा कि क्या तेजपुर विश्वविद्यालय पर चर्चा के लिए उनकी पार्टी के शून्यकाल नोटिस को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि सितंबर के मध्य में गायक जुबिन गर्ग की मौत के बाद से विश्वविद्यालय में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है और कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं।
सैकिया ने कहा कि गर्ग का कथित रूप से अनादर करने के कारण विद्यार्थियों और अन्य लोगों की आलोचना का सामना कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति ‘फरार’ हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे मुद्दे शिक्षा विभाग के विधेयकों पर चर्चा के दौरान उठाए जा सकते हैं, जिन्हें बाद में सदन में रखा जाएगा।
कांग्रेस और माकपा ने इस फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
भाषा जितेंद्र सुरभि
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