Thursday, 11 August, 2022
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‘सिर्फ मजे के लिए था’- शेयर बाजार में गिरावट के लिए ‘काला जादू’ का इस्तेमाल करने से गुजरात के ब्रोकर का इंकार

स्टॉकब्रोकर मिनिश पटेल ने अपने सभी 12 लाख सब्सक्राइबर्स को भेजे गए टेलीग्राम संदेश में दावा किया था कि उन्होंने पिछले हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट लाने के लिए 'काले जादू' पर 8.5 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

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मुंबई: राजकोट के एक स्टॉकब्रोकर (शेयर बाजार के दलाल) और विश्लेषक, जो उस वक्त सबकी आलोचना का विषय बन गए थे जब उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने पिछले हफ्ते शेयर बाजार में गिरावट लाने के लिए ‘काले जादू’ का इस्तेमाल किया था. उन्होंने अब यह स्पष्ट किया है कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे.

मिनिश पटेल, जिनके टेलीग्राम नाम के सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर लगभग 12 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, ने इस मंगलवार एक बयान जारी कर दावा किया कि वह ‘कुछ समाचार माध्यमों द्वारा घोर गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से हैरान और स्तब्ध हैं’. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका काला जादू वाला संदेश ‘हल्के फुल्के अंदाज में’ और ‘हास्य के शुद्ध इरादे से’ दिखाया गया था’.

टेलीग्राम पर अपने 12 मई के संदेश में, जिसे दिप्रिंट द्वारा देखे जाने की कोशिश करते समय तक हटा दिया गया था, पटेल ने कथित तौर पर अपने सब्सक्राइबर्स से कहा था: ‘आज आई गिरावट और बाजार में पिछले कुछ दिनों की गिरावट के लिए भी काफी हद तक हम ही जिम्मेदार हैं. आपको विश्वास तो नहीं होगा लेकिन हमने आज काला जादू के ऊपर 8.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर बाजार में दहशत पैदा कर दी है.’

अपने स्पष्टीकरण में, पटेल ने इस बारे में शिकायत की कि उनके द्वारा ‘साफ रूप से ‘फॉर फन’ (मज़े के लिए) लिखे जाने के बावजूद कई लोगों ने इस संदेश को ‘गंभीरता से’ ले लिया.

लेकिन अब भी, बाजार के कई विशेषज्ञ खुश नहीं हैं.

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मुंबई के एक शेयर बाजार विश्लेषक ने उनका नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘खुदरा निवेशकों वाली श्रेणी में बहुत से ऐसे भोले-भाले लोग हैं जो ऐसी चीजों के शिकार हो सकते हैं और घाटा उठाते हुए भी शेयर बाजार से बाहर निकल सकते हैं. यह बिल्कुल भी सही नहीं है और सेबी (शेयर बजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड- मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) को इसकी जांच करनी चाहिए.’

अपने चैनल पर पटेल खुद को सेबी में पंजीकृत एक रिसर्च एनालिस्ट (शोध विश्लेषक) बताते हैं जिसके पास 27 साल का अनुभव है. वह ‘पटेल वेल्थ एडवाइजर्स’ के मालिक भी हैं, जो विभिन्न प्रकार की वित्तीय सलाहकार सेवाएं प्रदान करता है.

दिप्रिंट ने इस बारे में टिप्पणी के लिए ई-मेल के माध्यम से सेबी से संपर्क किया है. प्रतिक्रिया मिलने के बाद इस खबर को अपडेट कर दिया जाएगा.

जब दिप्रिंट ने पटेल को टिप्पणी के लिए मैसेज किया, तो उनके एक करीबी सूत्र ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए जवाब दिया और कहा कि मीडिया में केवल ‘आधा-सच’ ही पेश किया जाता है.

पटेल के सहयोगी ने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है जब हमने अपने चैनल पर कोई मजाक किया है. शेयर बाजार एक ऐसी जगह है जहां लोग बेहद तनावग्रस्त और थके हुए हो सकते हैं और सभी को तरोताजा होने की जरूरत होती है.’


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‘ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणी नहीं करनी चाहिए’

टेलीग्राम पर पोस्ट किये गए अपने स्पष्टीकरण वाले संदेश में पटेल ने दावा किया कि उनकी यह ‘मजेदार’ टिप्पणी उनके चैनल पर ग्राहकों द्वारा बार-बार पूछे जाने वाले इन प्रश्नों के बाद की गई थी कि वह बाजार की इतनी सटीक भविष्यवाणी कैसे कर लेते हैं और क्या उनके पास उनकी मदद करने के लिए किसी प्रकार का सॉफ्टवेयर है या नहीं.

पटेल ने अपने संदेश, जिसे दिप्रिंट ने भी देखा है, में कहा, ‘मैं इस सब से थक गया था क्योंकि वे मेरे अनुभव और स्क्रीन को पढ़ने के मेरे कौशल पर विश्वास नहीं कर रहे थे. इसलिए इस तरह के सवाल से बचने के लिए मैंने चैनल में सभी के मनोरंजन के इरादे से सब के लिए एक आम संदेश दे दिया कि ‘मैं बाजार की भविष्यवाणी के लिए काले जादू का उपयोग करता हूं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अंधविश्वास अथवा काला जादू में यकीन नहीं करता. बाजार में किसी के द्वारा भी हेरफेर नहीं किया जा सकता है, यह पूरी तरह से जनता पर निर्भर है कि वे बाजार को कैसे देखते हैं. इसे विशुद्ध रूप से हास्य के इरादे से दिखाया गया था.’

हालांकि, पहले उद्धृत किये गए मुंबई के स्टॉकब्रोकर ने कहा, ‘जब हजारों करोड़ की पूंजी का सवाल हो तो ऐसी मूर्खतापूर्ण टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. यह एक बहुत ही गंभीर कारोबार है.’

शेयर बाजर में आम तौर पर बने गंभीर परिदृश्य के वजह से भी यह मजाक बेमजा हो गया.

पिछले एक महीने में दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है. रूस-यूक्रेन युद्ध और इसके नतीजतन बाजार में आये व्यवधान जैसे वैश्विक कारकों ने भारत को भी प्रभावित किया है.

इस महीने, पटेल के 12 मई के काले जादू वाले दावे से पहले के दिनों में निफ्टी-50 का सूचकांक लगभग 1,300 अंक यानि कि 8 प्रतिशत गिर गया था, जबकि बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) 7 प्रतिशत नीचे चला गया था.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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