scorecardresearch
Thursday, 4 December, 2025
होमदेशयादवपुर विश्वविद्यालय: छात्र संगठन के सम्मेलन स्थल का नाम माओवादी नेता के नाम पर रखने पर विवाद

यादवपुर विश्वविद्यालय: छात्र संगठन के सम्मेलन स्थल का नाम माओवादी नेता के नाम पर रखने पर विवाद

Text Size:

कोलकाता, 30 नवंबर (भाषा) वामपंथी छात्र संगठन आरएसएफ द्वारा अपने राज्य सम्मेलन के आयोजन स्थल का नाम प्रतीकात्मक रूप से सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए माओवादी नेताओं के नाम पर रखने पर विवाद शुरू हो गया है।

चौबीस नवंबर को शुरू हुआ ‘द रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फ्रंट्स’ का तीन दिवसीय सम्मेलन कोलकाता स्थित यादवपुर विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित किया गया। इसमें यादवपुर का नाम ‘हिडमा नगर’, कोलकाता का नाम ‘कोटेश्वर राव नगर’ और सभागार का नाम ‘बसवराजू सभागार’ रखा गया।

भाकपा (माओवादी) का ‘कमांडर’ माडवी हिडमा 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। भाकपा(माओवादी) का ताकतवर महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ ​​बसवराजू मई में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं, कोटेश्वर राव उर्फ ​​किशनजी की 2011 में पश्चिम बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र के बुरीशोल गांव में हत्या कर दी गई थी।

आरएसएफ के महासचिव तथागत रॉय चौधरी ने दावा किया, ‘नामकरण प्रतीकात्मक था और सम्मेलन में ऐसी कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, जिससे किसी अलगाववादी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधि का संकेत मिलता हो।”

कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।

विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन को सम्मेलन के लिए नियमों के अनुसार अनुमति दी गई थी।

उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता था कि सम्मेलन के दौरान क्या घटित होगा।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के बारे में जानकारी एकत्र कर ली गई है।

उन्होंने कहा, “हम मामले पर नजर रख रहे हैं। यह विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है और हम इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते।”

भाषा

शुभम पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments