गुरुग्राम, 26 नवंबर (भाषा) नूंह पुलिस ने एक केंद्रीय जांच एजेंसी की सूचना के आधार पर एक अधिवक्ता को जासूसी करने और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इस वर्ष मेवात क्षेत्र में कथित पाकिस्तानी जासूस को लेकर यह तीसरी गिरफ्तारी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अधिवक्ता की पहचान नूंह जिले के खरखड़ी गांव निवासी रिजवान के रूप में हुई है और वह गुरुग्राम अदालत में वकालत करता है।
रिजवान को दो दिन पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था और अब उसके खिलाफ तावडू सदर थाने में मामला दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
यहां एक अन्य अधिवक्ता को भी हिरासत में लिया गया है और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि रिजवान ने ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) को संवेदनशील जानकारी दी थी।
यहां एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने बताया कि रिज़वान कथित तौर पर पाकिस्तान में आईएसआई के आकाओं से जुड़े हवाला चैनलों के ज़रिए करोड़ों रुपये भारत लाया। उसने कथित तौर पर इस पैसे को आगे आतंकवादी गतिविधियों, जासूसी और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया।
नूंह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि तावडू सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा यासिर संतोष
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