scorecardresearch
Tuesday, 23 July, 2024
होमदेशनवजात जुड़वां बच्चियों को मारकर दफनाने वाला ‘दुखी’ पिता गिरफ्तार, बेटे की चाहत में की हत्या

नवजात जुड़वां बच्चियों को मारकर दफनाने वाला ‘दुखी’ पिता गिरफ्तार, बेटे की चाहत में की हत्या

मां ने आरोप लगाया है कि उनके पति नीरज सोलंकी ने पहले भी दहेज की मांग की थी और उन्हें परेशान किया था. उन्होंने कहा कि ससुराल वालों ने उन्हें लिंग निर्धारण टेस्ट करवाने के लिए मजबूर किया था.

Text Size:

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने नवजात जुड़वां बच्चियों की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

दिल्ली के पूठ कलां निवासी 32-वर्षीय नीरज सोलंकी को हरियाणा के रोहतक के सांपला से गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, मामला सामने आने के बाद से आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था.

तीन जून को आरोपी के परिजनों ने सुल्तानपुरी थाने में फोन करके आरोप लगाया था कि बेटे की चाहत में सोलंकी ने अपनी तीन दिन के जुड़वां बच्चियों को मारकर दफना दिया है.

शमशान घाट पर पुलिस की टीमें तैनात की गईं, जहां बच्चों को दफनाया गया था और जुड़वां बच्चों को निकालने की अनुमति ली गई. 5 जून को शवों को खोदकर निकाला गया और अगले दिन उनका पोस्टमार्टम किया गया.

मां पूजा सोलंकी की शिकायत के आधार पर हत्या के संदर्भ में एक एफआईआर दर्ज की गई.

पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) अमित गोयल ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल, सिम कार्ड और ठिकाने बदलता रहता था.

उन्होंने कहा, ‘‘टीम ने आरोपी की तलाश में दिल्ली और हरियाणा में कई जगहों पर छापेमारी की और आखिरकार उसे हरियाणा के रोहतक के सांपला से पकड़ा गया. पूछताछ के दौरान उसने उपरोक्त मामले में अपनी संलिप्तता कबूल की और बाद में उसे कानून की उचित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.’’

जुड़वा बच्चियों का जन्म 30 मई को हरियाणा के रोहतक में हुआ था. नीरज ने कथित तौर पर बच्चियों को अस्पताल से उठाया और कहा कि वह उन्हें घर ले जा रहा है, जबकि उसी समय पूजा (मां) को छुट्टी दे दी गई थी.

इस जोड़े की शादी 2022 में हुई थी. सूत्रों के मुताबिक, पूजा ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि उनके पति ने दहेज की मांग की थी और उन्हें पहले भी परेशान किया था. उन्होंने बताया कि उनके ससुराल वाले जुड़वां लड़कियों से नाखुश थे और उन्हें लिंग निर्धारण परीक्षण कराने के लिए भी मजबूर किया गया था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

share & View comments