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Tuesday, 9 June, 2026
होमदेशदिल्ली में हीटवेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा, LG और CM ने राहत व्यवस्था बढ़ाने के दिए निर्देश

दिल्ली में हीटवेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा, LG और CM ने राहत व्यवस्था बढ़ाने के दिए निर्देश

बैठक में निर्देश दिया गया कि जरूरत के अनुसार मोबाइल राहत वैन और कूलिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए. इन्हें खासतौर पर उन इलाकों में लगाया जाए जहां रेहड़ी-पटरी विक्रेता, मजदूर, बेघर लोग और अधिक भीड़ वाले बाजार स्थित हैं.

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में जारी भीषण गर्मी के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हीटवेव एक्शन प्लान 2026 के क्रियान्वयन और आगे की रणनीति की समीक्षा की.

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार को हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा के अलावा मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, एमसीडी आयुक्त, एनडीएमसी अध्यक्ष, डीडीए उपाध्यक्ष और संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे.

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री के पिछले वर्ष दिए गए आह्वान के बाद पहली बार दिल्ली के सभी 13 जिलों में बड़े स्तर पर समन्वित हीट-रिलीफ अभियान चलाया गया है, ताकि लोगों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके.

उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अब तक किए गए राहत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 13 जिलों में केवल एक-एक मोबाइल राहत वैन पर्याप्त नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को क्षमता बढ़ाने और राहत तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए.

उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस निर्देश का भी उल्लेख किया, जिसमें “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव से निपटने के लिए दीर्घकालिक शहरी कूलिंग उपायों पर ध्यान देने को कहा गया था.

बैठक में निर्देश दिया गया कि जरूरत के अनुसार मोबाइल राहत वैन और कूलिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए. इन्हें खासतौर पर उन इलाकों में लगाया जाए जहां रेहड़ी-पटरी विक्रेता, मजदूर, बेघर लोग और अधिक भीड़ वाले बाजार स्थित हैं.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा कि कूलिंग सेंटरों पर कर्मचारियों की शिफ्ट बदलने के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए ताकि लोगों को मिलने वाली सेवाएं बाधित न हों. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पानी के घड़े, कूलर और अन्य जल पात्र समय पर भरे जाएं ताकि किसी नागरिक को खाली न मिलें.

बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, डीटीसी, डीडीए, श्रम विभाग और अन्य एजेंसियों के सहयोग से हीट-रिलीफ अभियान जारी रहेगा.

उपराज्यपाल ने कहा कि आम लोगों को विभागों के अधिकार क्षेत्र से मतलब नहीं है, वे केवल जमीन पर काम होते देखना चाहते हैं. उन्होंने सभी एजेंसियों को एक टीम की तरह काम करने और लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए.

बैठक में शहर में चल रहे राहत कार्यों की उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई. इसके तहत सड़कों पर लोगों को मुफ्त पानी, छाया और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

मोबाइल राहत इकाइयों ने अब तक 4,73,358 लोगों को सहायता पहुंचाई है. इस दौरान 1,86,413 लीटर पानी, 2,44,002 ओआरएस पैकेट, 67,593 मुफ्त गमछे और 49,666 सुरक्षात्मक कैप वितरित किए गए.

स्थायी कूलिंग जोन में उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल गेट नंबर-3 पर 62,900 लोगों को 47,975 लीटर पानी उपलब्ध कराया गया. वहीं पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद मेट्रो गेट नंबर-3 पर 35,470 लोगों को 30,800 लीटर पानी वितरित किया गया.

इसके अलावा शालीमार चौक स्थित सेंट्रल-नॉर्थ जोन में 20,100 लोगों को 7,066 लीटर पानी और कालकाजी-लोटस टेंपल क्षेत्र में 7,900 लोगों को 3,000 लीटर पानी उपलब्ध कराया गया.

श्रम विभाग ने भी सभी 13 जिलों में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं. वरिष्ठ अधिकारी लगातार निरीक्षण कर नियोक्ताओं और ठेकेदारों को श्रमिकों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दे रहे हैं.

विज्ञप्ति के अनुसार, डीडीए के 15 खेल परिसरों में पानी के कूलर और आरओ सिस्टम लगाए जा चुके हैं. अगले चरण में सार्वजनिक पार्कों में वाटर एटीएम स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है.

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