Sunday, 5 December, 2021
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भारत में 2017-20 में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के 24 लाख से अधिक मामले आए: इंटरपोल

सीबीआई ने 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर बड़ा अभियान छेड़ा था. इस दौरान अगले दिन तक 83 आरोपियों के खिलाफ 23 अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गईं.

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नई दिल्ली: इंटरपोल के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 2017 से 2020 के बीच तीन साल की अवधि में ऑनलाइन बच्चों के यौन उत्पीड़न के 24 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं जिनमें 80 प्रतिशत 14 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं.

अधिकारियों ने बताया कि इन आंकड़ों को देखकर सीबीआई ने भारत में ऑनलाइन बाल यौन उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) के कथित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है और कई वेबसाइट उसकी निगरानी के दायरे में आ गई हैं.

इंटरपोल के आंकड़ों से पता चलता है कि सीएसएएम की विषयवस्तु और उपभोक्ता तेज दर से बढ़ रहे हैं और एक रिपोर्ट के अनुसार एक इंटरनेट सर्च इंजन वेबसाइट पर बाल पोर्नोग्राफी पर 1.16 लाख बार पोर्नोग्राफी सर्च की गई.

सूत्रों ने कहा कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन (सीबीआई) ने सोशल मीडिया वेबसाइटों के साथ इस मामले को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उठाने की योजना बनाई है जिसमें उनकी भूमिका और जवाबदेही की पड़ताल की जाएगी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इंटरपोल के आंकड़े चिंताजनक हैं. इससे ऑनलाइन बाल यौन उत्पीड़न के 24 लाख मामलों का पता चला है जिनमें 80 प्रतिशत पीड़ित किशोरियां हैं.’

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सीबीआई का अभियान 50 ऑनलाइन सोशल मीडिया समूहों पर केंद्रित है जिसमें दुनियाभर के 5,000 लोग सीएसएएम साझा करते हैं. सूत्रों ने कहा कि समूहों में पाकिस्तान के 36, कनाडा के 35, अमेरिका के 35, बांग्लादेश के 31, श्रीलंका के 30, नाइजीरिया के 28, अजरबैजान के 27, यमन के 24 और मलेशिया के 22 सदस्य हैं.

केंद्रीय एजेंसी अब इन देशों की कानून इंफोर्समेंट एजेंसियों के साथ तालमेल से काम करेगी ताकि आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित ऑनलाइन सामग्री के स्रोत का पता चल सके.

एक अधिकारी ने कहा, ‘सीबीआई सहयोगी एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक माध्यम से कोर्डिनेशन कर रही है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये लोग ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े अपने बैंक खातों में नियमित आय प्राप्त कर रहे हैं.’

सीबीआई ने 14 राज्यों में एक व्यापक धरपकड़ अभियान के तहत 77 जगहों पर छापे मारे और सात लोगों को गिरफ्तार किया. एजेंसी ने 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर बड़ा अभियान छेड़ा था. इस दौरान अगले दिन तक 83 आरोपियों के खिलाफ 23 अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गईं.


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