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Friday, 28 November, 2025
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न्यायालय ने दोहरे हत्याकांड में पूर्व विधायक और उसके भाई की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की

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नयी दिल्ली, 28 नवंबर (भाषा)उच्चतम न्यायालय ने दोहरे हत्याकांड के एक मामले में आंध्र प्रदेश के एक पूर्व विधायक और उसके भाई की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज करते हुए कहा कि वह आरोपियों की पहुंच से हैरान है, जिन्होंने जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए कुछ व्यक्तियों के बयान दाखिल किये।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि जिस तरह से याचिकाकर्ताओं ने ये दस्तावेज हासिल किए, उससे ‘‘षड्यंत्र’’ का संकेत मिलता है, क्योंकि मामले में अभी तक आरोपपत्र भी दाखिल नहीं किया गया है।

पीठ ने कहा, ‘‘आपने इसे जिस भी तरह से हासिल किया है, यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह जांच में हस्तक्षेप है। आप जेल जाइए। आपने इसे कैसे हासिल किया?’’

पीठ पूर्व विधायक और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता पिन्नेल्ली राम कृष्ण रेड्डी और उनके भाई पिन्नेल्ली वेंकटरामी रेड्डी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के अगस्त के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

शीर्ष न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ताओं ने मामले में जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए कुछ व्यक्तियों के बयान दाखिल किए हैं।

जब पीठ ने इसके बारे में पूछा, तो याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उन्हें अदालत से दस्तावेज वैध तरीके से मिले हैं।

पीठ ने इसपर कहा, ‘‘ऐसा नहीं हो सकता।’’ अदालत कभी भी केस डायरी नहीं दे सकती।

आंध्र प्रदेश की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने भी चिंता व्यक्त की और कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि याचिकाकर्ताओं को ये दस्तावेज कैसे मिले।

पीठ ने कहा, ‘‘जिस तरीके से आपने (याचिकाकर्ताओं ने) इसे हासिल किया, उससे स्पष्ट तौर पर साजिश का पता चलता है।’’

न्यायालय ने इंगित किया कि एक याचिकाकर्ता ने कहा है कि उसे टेलीफोन पर हुई बातचीत के आधार पर फंसाया गया है।

पीठ ने सवाल किया,‘‘याचिकाकर्ता को जांच की इतनी सूक्ष्म जानकारी कैसे मिली ? ’’

दवे ने इसपर दलील दी कि याचिकाकर्ताओं को ‘‘विशुद्ध राजनीतिक प्रतिशोध’’ के कारण मामले में फंसाया गया है।

पीठ ने कहा, ‘‘हम आरोपी की पहुंच से आश्चर्यचकित हैं।’’

आंध्र प्रदेश की ओर से उच्च न्यायालय में पेश वकील ने दलील दी थी कि दोनों याचिकाकर्ता मई में जे वेंकटेश्वरलू और जे कोटेश्वर राव की हत्या के मामले में प्रमुख षड्यंत्रकारी थे और जांच अहम पड़ाव पर है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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