देहरादून, 23 मई (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को भारत-चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री विधानसभा के सीमांत गांव हर्षिल में पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया।
प्रदेश में मतदाता सूचियों के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों की समीक्षा के लिए दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे कुमार ने हर्षिल की बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मिंटू देवी के साथ विस्तृत संवाद किया तथा उनसे एसआईआर मैंपिंग के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने बीएलओ मिंटू देवी के कार्यों की जमकर सराहना की और कहा कि वह पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्य में समपर्ण के साथ जुटे सभी बीएलओ को चुनाव आयोग सलाम करता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि देश के सभी बीएलओ इसी तरीके से कार्य करेंगे
इस मौके पर सीईसी ने कहा कि बीएलओ जमीनी स्तर पर कर्मठता के साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से सूची में शामिल ‘‘अनुपलब्ध, स्थानांतरित, मृत, फर्जी और विदेशी मतदाताओं’’ को चिह्नित कर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य कर रहे हैं तथा साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ रहे हैं।
कुमार साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री भी पहुंचे तथा उनसे बातचीत की। उन्होंने दुर्गम परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बावजूद देश के चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए उनका आभार जताया।
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा पोलिंग बूथ है जहां शत-प्रतिशत मतदाता केवल साधना में लीन रहने वाले साधु-संत हैं और यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और ताकत की अनूठी मिसाल है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने हर्षिल में देर शाम उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से एसआईआर की जानकारी ली। इस मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पूर्व सीईसी ने अपनी पत्नी के साथ गंगोत्री मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त रविवार को देहरादून में एसआईआर के संबंध में तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
भाषा दीप्ति गोला
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