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राहुल गांधी की फाइल फ़ोटो | पीटीआई
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नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के बजट को विपक्ष जहां चुनावी बजट बताकर उसकी आलोचना कर रहा है, वहीं भाजपा और कांग्रेस में ट्विटर पर वार छिड़ गया है. राहुल गांधी ने मोदी सरकार के अंतिम बजट को ‘आखिरी जुमला बजट’ बताया ​तो भाजपा ने उसके जवाब में कहा कि ‘जैसी कि उम्मीद थी, आप इस बजट को नहीं समझ सके.’

भाजपा और राहुल गांधी के बीच ट्विटर युद्ध कोई नई बात नहीं है. लेकिन मजे की बात यह है कि भाजपा राहुल गांधी का मजाक उड़ाने का कोई मौका कभी नहीं छोड़ती. राहुल गांधी की अगुवाई में भले ही कांग्रेस ने हाल ही में तीन बड़े राज्यों में भाजपा को हार का मजा चखाया, लेकिन भाजपा राहुल को अभी भी ‘पप्पू’ ही समझना चाहती है. ऐसा ही कुछ आज बजट के बाद हुआ जब राहुल गांधी ने बजट की आलोचना की.

राहुल गांधी ने ट्विटर पर #AakhriJumlaBudget के साथ मोदी को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आपकी आयोग्यता और अहंकार के पांच सालों ने हमारे किसानों का जीवन तबाह कर दिया. उन्हें 17 रुपये प्रतिदिन देना उन सब चीजों का अपमान है जिसके लिए वे खड़े हैं और मेहनत करते हैं.’

इसके जवाब में भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से राहुल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा गया, ‘जैसा कि उम्मीद थी, आप बजट की बारीकियों को नहीं समझ पाए. किसानों को 6000 रुपये देना उनकी आय नहीं है, बल्कि उनकी आय में अतिरिक्त राहत है. इसके साथ ही उनके कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं. आश्चर्य है कि आपने 70 पैसा प्रति घंटा नहीं ट्वीट किया! यह और अधिक राहुल गांधी की तरह की बात होती.’

उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी बजट का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ‘मैं पूछना चाहता हूं कि यह बजट वित्त अधि​कारियों द्वारा तैयार किया जा रहा था या आरएसएस द्वारा? इस बजट में नरेंद्र मोदी ने किसानों को कॉटन कैंडी यानी बुढ़िया का बाल थमा दिया है. जब हमने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी तब प्रधानमंत्री ने इसे लॉलीपॉप कहकर मजाक उड़ाया था. यह बजट भाजपा के मित्रों ने तैयार किया है.

कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी मोदी सरकार के अंतिम बजट को जुमला आदि कहकर इसकी आलोचना की. भाजपा से अलग हुईं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने केंद्रीय बजट को लोगों को गुमराह करने वाला जुमला करार दिया.

कुशवाहा ने आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट पूर्णत: युवा विरोधी एवं किसानों को गुमराह करने वाला चुनावी भाषण है. उधर, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी बजट भाषण को चुनावी भाषण बताते हुए कहा कि इसमें जितने भी प्रस्ताव दिए गए हैं, वह चुनावी जुमला है.

राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस पार्टी ने भी शुक्रवार को पेश किए गए अंतरिम बजट को ‘भाजपा का चुनावी घोषणापत्र’ करार दिया और कहा कि मोदी सरकार के प्रदर्शन के रिपोर्ट कार्ड को मुहैया कराए बगैर यह लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयास है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से कहा, ‘आज का बजट भाजपा का चुनावी घोषणापत्र है. यह और कुछ नहीं बल्कि मतदाताओं को घूस देने का प्रयास है और बजट की यह पूरी कवायद आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की गई है.’

 


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