बरेली (उप्र), 29 नवंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद बरेली पुलिस ने धर्म बदलकर रह रहे 38 वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्ति पर अपने भाई की हत्याय का आरोप था।
पुलिस ने बताया कि 1987 में अपने भाई संजीव सक्सेना की हत्या का आरोपी शाही कस्बा निवासी प्रदीप कुमार सक्सेना 1989 में पैरोल पर रिहा होने के बाद गायब हो गया था। बाद में उसने अपना नाम और हुलिया बदल दिया। उसने अपना नाम अब्दुल रहीम रख लिया और लंबी दाढ़ी बढ़ाकर अपना रूप बदल लिया तथा कुर्ता-पायजामा पहनने लगा। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मुरादाबाद में गाड़ी चलाने का काम करता रहा।
पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीख ने बताया कि प्रेम नगर थाना पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लंबे समय से फरार वांछित आरोपी प्रदीप को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उच्च न्यायालय ने उसे चार सप्ताह के भीतर बरेली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने इस तथ्य पर कड़ा रुख अपनाया था कि आरोपी तीन दशकों से अधिक समय से कार्यवाही से बच रहा था।
पारीख ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी।
उन्होंने बताया, ‘‘हमने आरोपी के परिवार के सदस्यों और परिचितों से पूछताछ के बाद उसका पता लगाया, जिनमें से अधिकतर ने दावा किया कि उन्होंने उसे सालों से नहीं देखा था। एक अहम सुराग आरोपी के भाई सुरेश से मिला, जिसने संकेत दिया कि प्रदीप मुरादाबाद में किसी दूसरी पहचान के साथ रह रहा होगा।’’
पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘टीम मुरादाबाद के कटघर इलाके पहुंची, जहां निवासियों ने पुष्टि की कि अब्दुल रहीम उर्फ ‘‘सक्सेना ड्राइवर’’ नाम का एक व्यक्ति लगभग 30 साल से वहां रह रहा है।’’
पुलिस के अनुसार, इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि पैरोल पर रिहा होने के बाद उसने अपनी पहचान बदल ली थी और अपने अतीत को छिपाने के लिए 2002 में इस्लाम धर्म अपना लिया था। अब उसकी उम्र 70 साल से अधिक है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया और सीजेएम की अदालत में पेश किया, जहां से उसे शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
भाषा सं आनन्द सिम्मी सुरभि
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