गुवाहाटी, 28 नवंबर (भाषा) असम के कैबिनेट मंत्री बिमल बोरा ने निलंबित विधायकों को बाहर जाने से रोकने के लिए शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी से विधानसभा परिसर में एक ‘हिरासत कक्ष’ स्थापित करने पर विचार करने का आग्रह किया।
यह सुझाव कार्यवाही में बाधा डालने के कारण प्रश्नकाल के दौरान निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई को निलंबित किए जाने के तुरंत बाद आया।
बोरा ने दावा किया कि निलंबित सदस्य अक्सर सदन से बाहर चले जाते हैं और मीडिया के साथ अपनी-अपनी बातें साझा करते हैं।
बोरा ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा, “निलंबित विधायकों को विधानसभा परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वे सदन में हुईं गतिविधियों पर केवल अपना पक्ष रखते हैं।”
उन्होंने कहा, “शायद सभी सुविधाओं से युक्त एक हिरासत कक्ष बनाया जा सकता है।”
सदन में मुखरता से विरोध जताने के लिए जाने जाने वाले गोगोई को मंगलवार को शीतकालीन सत्र के पहले दिन भी कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया था, जब वह सिंगापुर में गायक जुबिन गर्ग की मृत्यु पर स्थगन प्रस्ताव के दौरान सदन में आसन के करीब पहुंच गए थे और गर्ग का पोस्टर दिखाया था।
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के विधायक देबब्रत सैकिया ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय को किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए निलंबन के कारणों को स्पष्ट करते हुए एक प्रेस बयान जारी करना चाहिए।
अध्यक्ष दैमारी ने सभी सदस्यों से शिष्टाचार बनाए रखने और कार्यवाही के सुचारू संचालन में सहयोग करने की अपील की।
भाषा जोहेब नरेश
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