Sunday, 3 July, 2022
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निर्वासित पाकिस्तानियों को अपने ही देश से मिल रही हैं धमकियां, ब्रिटेन में अलर्ट जारी

यह अलर्ट हाल ही में लंदन के एक हिटमैन को पाकिस्तानी सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने वाले शख्स की हत्या की साजिश का दोषी पाए जाने के बाद आया है.

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ब्रिटेन में शरण लेने वाले पाकिस्तानियों को वहां की आतंकवाद विरोधी पुलिस ने सचेत किया है कि उनके द्वारा पाकिस्तान की सेना की आलोचना करने के बाद उनकी जान खतरे में है. दि गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है जिसके बाद से पाकिस्तान में इमरान खान सरकार की काफी आलोचना हो रही है.

एक ट्विटर यूजर जोहरा यूसूफ ने कहा कि पत्रकार देश में और जहां वो शरण ढूंढ रहे हैं वहां भी सुरक्षित नहीं हैं.

एक और यूजर ने सोशल मीडिया पर कहा कि इमरान खान को दि गार्जियन की रिपोर्ट पर सफाई देनी चाहिए.

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सैयद तौकीर बुखारी नाम के एक अकाउंट ने लिखा है कि अब इस मुद्दे पर बात करने का समय आ गया है.

एक अन्य यूजर ने कहा कि वास्तविक जीवन में या सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों को धमकाना भद्दा है.

पाकिस्तान सरकार पर तंज करते हुए, एक उपयोगकर्ता ने लंदन पुलिस को संबोधित करते हुए उनसे कहा कि ‘अपने मेहमानों की अच्छी देखभाल करना’.

पाकिस्तानी राजनीतिक विशेषज्ञ आयशा सिद्दीका के लिए सॉलिडेरिटी दिखाते हुए नॉटिंघम विश्वविद्यालय में राजनीति की प्रोफेसर, कैथरीन एडेनी ने लिखा है कि ‘यह भयावह है.’ गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, एक वकील ने सिद्दीका से कहा था कि ब्रिटिश स्थित पाकिस्तानी ड्रग गिरोह उन्हे निशाना बनाने में शामिल हो सकते हैं.

यह अलर्ट हाल ही में लंदन के एक हिटमैन को पाकिस्तानी सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने वाले शख्स की हत्या की साजिश का दोषी पाए जाने के बाद आया है.

खबरों के मुताबिक मुहम्मद गोहिर खान को पिछले साल नीदरलैंड में पाकिस्तानी खुफिया सेवाओं की आलोचना करने वाले ब्लॉगर अहमद वकास गोराया को मारने के लिए पैसों की पेशकश की गई थी.

पिछले महीने ट्रायल शुरू होने से पहले आतंकवाद विरोधी पुलिस अधिकारियों ने यूके में पाकिस्तानी राजनीतिक विशेषज्ञ राशिद मुराद के घर का दौरा कर सुरक्षा समीक्षा की थी.

मुराद ने दि गार्जियन को बताया कि दो पुलिस ऑफिसर ने उनके घर का दौरा किया था और कहा था कि कुछ लोग उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया था कि वो पाकिस्तानी अधिकारी हो सकते हैं.

दि गार्जियन की रिपोर्ट में वकील फजल खान को भी पाकिस्तानी अथॉरिटी का टारगेट बताया गया है. फजल ने कहा कि उन्हें यूके अधिकारियों ने उन्हें इस बारे में सचेत किया है और कहा कि अगर मैं लंदन से बाहर यात्रा करना चाहता हूं तो मुझे उन्हें इस बारे में जानकारी देनी होगी.

उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों ने करीमा बलूच की मौत के बारे में उनसे चर्चा की थी, जिन्होंने स्वतंत्र बलूचिस्तान के लिए मुहीम चलाई थी और कनाडा की नदी में मृत पाई गईं थी.

(इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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