Wednesday, 7 December, 2022
होमडिफेंसइंडियन डिफेंस शेयरों में आई तेजी, कुछ ने लगाई 140% तक की छलांग

इंडियन डिफेंस शेयरों में आई तेजी, कुछ ने लगाई 140% तक की छलांग

डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आई तेजी ने NSE 50 इंडेक्स की ग्रोथ को पीछे छोड़ दिया है. NSE 50 एक प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स है जो रजिस्टर शीर्ष 50 कंपनियों का शेयर का प्रतिनिधित्व करता है.

Text Size:

नई दिल्ली: भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध डिफेंस कंपनियों के शेयर की कीमतें 2022 में लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही हैं. एनएसई में सूचीबद्ध निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की डिफेंस कंपनियां इस साल भारी मुनाफा कमा रही हैं, ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला है.

भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गजों के शेयर की कीमतों में साल-दर-साल आधार पर तेजी आई है. 18 नवंबर, 2022 को ट्रेडिंग की क्लोजिंग में मिसाइल सिस्टम मैन्युफैक्चरर ‘भारत डायनामिक्स लिमिटेड’ ने इस साल अपने शेयरों की कीमत में 136.8 फीसदी का उछाल देखा है.

गौरतलब है कि 2022 में रक्षा कंपनियों के शेयर में आई तेजी ने एनएसई 50 इंडेक्स की ग्रोथ को भी पीछे छोड़ दिया है. NSE 50 एक प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स है जो रजिस्टर शीर्ष 50 कंपनियों का शेयर का प्रतिनिधित्व करता है. यह इंडेक्स इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी की पुष्टि कर रहा है.

यह उछाल ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने अपने 2022-23 के बजट में डिफेंस एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 5.25 लाख लाख करोड़ कर दिया. पिछले वित्त वर्ष में यह 4.78 लाख करोड़ रुपये था. इस आउटले के अंदर वित्त मंत्री ने 1.52 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत परिव्यय को खरीद के लिए अलग रखा, जिसमें से 68 फीसदी घरेलू खरीद के लिए सुरक्षित रखा गया है.

भारत फोर्ज और एस्ट्रा माइक्रोवेव जैसी निजी कंपनियों ने भी साल 2022 में अपने शेयर की कीमतों में तेजी देखी है. इस साल भारत फोर्ज, जिसकी सहायक कंपनी कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड, आर्टिलरी और बख्तरबंद वाहनों की निर्माता है, के भी शेयर की कीमतों में 17.5 फीसदी का उछाल आया है.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

वहीं, 3 जनवरी, 2022 और 18 नवंबर के बीच एनएसई 50 में महज 3.87 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई है, जो 17,25.70 से बदलकर 18,307.65 हो गई. हालांकि रक्षा शेयर बाजार के इस प्रमुख बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.

थिंक-टैंक दिल्ली डिफेंस रिव्यू के निदेशक सौरव झा ने दिप्रिंट को बताया, ‘निवेशकों के बीच एक उभरती धारणा है कि भारत का रक्षा उद्योग तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है.’

शेयर की कीमतों में उछाल लाने वाले कारण

झा ने कहा, ‘सरकार की ओर से उठाए गए कुछ नीतिगत कदम जैसे- ‘रक्षा में आत्मनिर्भरता’, जो स्वदेशी हथियारों के निर्माण को प्राथमिकता देते हैं, सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां, जिसने भारत से कुछ सैन्य उपकरणों को खरीदना अनिवार्य बनाया है, और घरेलू खरीद के लिए पूंजी आवंटन. ये सब रक्षा क्षेत्र के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और उसे मार्केट में मजबूत बना रहे हैं.’

स्टॉक ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख संतोष मीणा बताते हैं, ‘भारत से हथियारों के निर्यात में वृद्धि के साथ-साथ ये नीतिगत हस्तक्षेप इस साल बाजार की धारणा को और आगे की ओर ले जा रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इन कारकों ने रक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण गति दी है. बाजार को डिफेंस शेयर की कीमतों में छलांग लगाने के लिए मजबूर कर दिया है.’

झा ने कहा, ‘कुल मिलाकर महामारी, चीन के साथ भारत की सीमा पर तनातनी और रूस-यूक्रेन युद्ध से मिली सीख ने यह सुनिश्चित किया है कि भारत में रक्षा में आत्मनिर्भरता सिर्फ एक जुमला न रह जाए.’

रिपोर्टों से पता चलता है कि ब्लू चिप शेयरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद रक्षा शेयरों की कीमतों में वृद्धि तेज रही है.

नई दिल्ली स्थित एक ट्रेडर ने समझाया, ‘शेयर मूल्य में तेजी के केंद्र में रहे सभी कारक इसके गवाह हैं. अधिकांश रक्षा कंपनियों के टर्नओवर, वेल्युएशन, मल्टीपल और प्रॉफिट सभी बढ़ गए हैं. इसके परिणामस्वरूप शेयरों में तेजी आई है.’

मीणा ने समझाया कि ‘ 2022 से पहले, रक्षा शेयरों के शेयर अपने बुक वैल्यू से काफी नीचे कारोबार कर रहे थे और उनके स्वामित्व में भी थे. इस साल शेयर की कीमतों में उछाल भी इस महत्वपूर्ण घटना से काफी बढ़ गया है’

अगर थोड़े में अपनी बात कहें तो इस शेयर की कीमत में उछाल लाने के लिए सरकार की नीति, मैक्रो और बाजार सभी ने संयुक्त रूप से काम किया है.


यह भी पढ़ें: पहली बार छह महिला अफसरों को प्रतिष्ठित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में मिलेगा प्रवेश


भारत डायनामिक्स लिमिटेड और बुल मार्केट

भारत डायनामिक्स लिमिटेड एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है जिसकी स्थापना 1970 में सशस्त्र बलों के लिए मिसाइल सिस्टम बनाने के लिए की गई थी.

2022 में इसके शेयर की कीमत में 136.8 की तेजी आई है. 3 जनवरी, 2022 से 18 नवंबर 2022 के बीच यह 391.45 रुपये प्रति शेयर से बढ़कर 927.30 रुपये पर आ गया.

मिसाइलों की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के अलावा, कंपनी सशस्त्र बलों के लिए अंडरवॉटर वेपेन, एअर-बोर्ने प्रोजेक्ट और संबद्ध रक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराती है. इसके अलावा, बीडीएल पुरानी और विन्टेज मिसाइल सिस्टम के सपोर्ट और नवीनीकरण के लिए भी काम करता है.

हालांकि इस साल इसके स्टॉक में 136.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अतीत में इसका प्रदर्शन काफी अलग रहा था.

23 मार्च, 2018 को इसने 389.80 रुपये पर ट्रेडिंग की थी. जबकि 2 जनवरी, 2019 को यह 281.60 पर ट्रडिंग कर रहा था, कीमत में 108.2 रुपये या 27.7 प्रतिशत की गिरावट. 2 जनवरी, 2020 को भारत डायनामिक्स 306.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था – 2 जनवरी, 2019 की कीमत से 24.65 रुपये या 8.75 प्रतिशत की वृद्धि.

नतीजतन, 1 जनवरी, 2021 को शेयर की कीमत बढ़कर 348.10 रुपये हो गई – इसकी कीमत में 41.85 रुपये या 13.6 फीसदी की तेजी आई. 3 जनवरी, 2022 तक यह 391.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था, 1 जनवरी, 2021 के शेयर मूल्य से 43.35 रुपये या 12.45 फीसदी का उछाल.

जैसा कि डेटा से पता चलता है, बुल ईयर शेयर अद्वितीय रहा है.

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और लगातार उछाल

एचएएल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर का राज्य के स्वामित्व वाला मैन्युफैक्चरर है. इसे 951 में रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में स्थानांतरित कर दिया गया था. इस कंपनी ने भारत के स्वदेशी सैन्य निर्माण की कुछ सबसे ज्यादा जानी-मानी मशीनों का उत्पादन किया है- चेतक और चीता हेलीकॉप्टर, हल्के लड़ाकू विमान तेजस और हाल ही में LCA प्रचंड.

2022 की शुरुआत में 3 जनवरी को HAL ने 1233.70 रुपये पर कारोबार किया था. 18 नवंबर को ट्रेडिंग क्लोज होने तक, एचएएल की कीमत 2617.95 रुपये थी- 1384.25 रुपये या 112.2 फीसदी की बढ़ोतरी.

गौरतलब है कि 2022 में यह बढ़ोतरी एनएसई में एचएएल और अन्य रक्षा शेयरों के पिछले प्रदर्शन के बिल्कुल उलट है.

28 मार्च, 2018 को एचएएल 1,132 रुपये पर कारोबार कर रहा था और 4 जनवरी, 2019 तक यह गिरकर 814.70 रुपये हो गया – 317.3 रुपये या 38.9 प्रतिशत की गिरावट. 3 जनवरी, 2020 तक एचएएल के शेयर की कीमत गिरकर 736.90 रुपये हो गई – जनवरी 2020 की वैल्यू से 77.8 रुपये की गिरावट या 9.5 प्रतिशत की कमी. 1 जनवरी, 2021 को यह बढ़कर 856.80 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

बीडीएल की तरह, एचएएल के शेयरों में भी इस साल अभूतपूर्व उछाल आया है. सौरव झा बताते हैं कि कुछ उतार-चढ़ाव की चेतावनी के साथ रक्षा शेयरों में यह तेजी बनी हुई है. विशेषकर सरकार ने 2025 तक रक्षा राजस्व में 25 बिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है.’

भारत फोर्ज और अन्य निजी फर्मों से अपेक्षाएं

भारत फोर्ज, जिसकी सहायक कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड, तोपखाने और बख्तरबंद वाहनों की निर्माता है, के 3 जनवरी, 2022 से 18 नवंबर के बीच शेयर की कीमत 710.90 रुपये से बढ़कर 835.50 रुपये हो गई है. यह 17.5 फीसदी प्रतिशत की वृद्धि का संकेत है.

एनएसई में 4 जनवरी 2019 को यह 487.15 रुपये पर बंद हुआ था. 3 जनवरी, 2020 तक शेयर गिरकर 486.55 रुपये पर आ गया और 1 जनवरी 2021 को यह 538.10 रुपये पर बंद हुआ. जनवरी 2019 से जनवरी 2021 तक शेयर में सिर्फ 10.45 प्रतिशत की तेजी आई थी. इसलिए 2022 में 17.15 प्रतिशत की वृद्धि जनवरी 2019 और जनवरी 2021 के बीच शेयर की कीमतों में हुई वृद्धि से लगभग दोगुनी है.

अन्य निजी रक्षा कंपनियों में, सब-सिस्टम, रडार टेक्नोलॉजी, एंटेना, रिसीवर और कमांड गाइडेंस यूनिट बनाने वाली एस्ट्रा माइक्रोवेव्स ने भी इस साल अपने शेयर की कीमत में काफी उछाल देखा है.

एनएसई में, एस्ट्रा माइक्रोवेव 3 जनवरी, 2022 को 233.60 रुपये पर बंद हुआ था. और 18 नवंबर को इसके शेयर की कीमतों में 322.70, 89.1 रुपये का उछाल या 38.1 प्रतिशत की वृद्धि अब तक हुई है. यह शेयरों के पिछले ट्रेडिंग रुझानों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है.

3 जनवरी, 2019 को स्टॉक 79.95 रुपये पर और 3 जनवरी, 2020 को 83.50 पर बंद हुआ. जनवरी 2019 से जनवरी 2020 तक शेयर की कीमत में मामूली सी तेजी आई थी- बीच के समय में थोड़े से समय के लिए इसने 90 रुपये की सीमा को छू लिया था.

निवेशकों को उम्मीद है कि एस्ट्रा की तरह अन्य निजी डिफेंस दिग्गज कंपनियां और MSMEs बाजार में अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे. नई दिल्ली के एक ट्रेडर ने बताया कि उम्मीदें हैं कि अगली दो तिमाहियों में ये डिफेंस MSMEs अपने नकदी प्रवाह से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और EBITDA यानी इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और ऐमटिर्जेशन से पहले अपनी आय को बढ़ा लेंगे.

झा ने बताया, ‘यह देखते हुए कि रक्षा उद्योग को अब कई निवेशक अनुकूल रूप से देख रहे हैं. इससे अधिक रक्षा कंपनियों के इक्विटी बाजारों से पूंजी जुटाने की ओर मुड़ने की संभावना है. यह कंपनियां सार्वजनिक हो रही है और स्टॉक एक्सचेंज में खुद को सूचीबद्ध कर रही है, विशेष रूप से यह देखते हुए कि हाल के दिनों में ब्याज दरों में वृद्धि हुई है.’

(अनुवाद: संघप्रिया मौर्या)

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़नें के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका ‘युद्धाभ्यास’ इस साल उत्तराखंड में LAC के नज़दीक ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होगा


share & View comments