मुंबई, 25 फरवरी (भाषा) सूक्ष्म वित्त संस्थानों का ऋण सालाना आधार पर 3.53 प्रतिशत घटकर 3.85 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
एक रिपोर्ट में मंगलवार को बताया गया कि इस दौरान परिसंपत्ति की गुणवत्ता पर दबाव भी बढ़ गया।
माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूशंस नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, परिसंपत्ति गुणवत्ता पर दबाव थोड़ा बढ़ा है। इसके तहत 91-180 दिन का बकाया ऋण दिसंबर के अंत में बढ़कर 3.3 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 0.9 प्रतिशत और सितंबर, 2024 में 1.9 प्रतिशत था।
माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूशंस नेटवर्क के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और निदेशक आलोक मिश्रा ने कहा, ‘‘उद्योग सीमित वित्तपोषण और सख्त ऋण अंडरराइटिंग के दौर से गुजर रहा है, जिसके कारण कम वितरण हुआ है, जिससे जीएलपी (सकल ऋण पोर्टफोलियो) में गिरावट आई है।”
औसत ऋण आकार पिछली तिमाही के 50,487 रुपये से बढ़कर 53,350 रुपये हो गया है।
भाषा पाण्डेय अजय
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