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एक रैली के दौरान भाजपा के कार्यकर्ता |
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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में एक महीने से भी कम समय बचा है. जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं वैसे-वैसे भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की कतार भी बढ़ती जा रही है. कांग्रेस से लेकर तृणमूल कांग्रेस तक हर छोटी बड़ी पार्टियों के नेताओं की होड़ भाजपा में शामिल होने की लगी है. 2014 के नमो लहर का असर 2019 के चुनाव में भी खूब देखने को मिल रहा है.

मंगलवार को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बड़े नेता और पार्टी के सांसद अनुपम हाजरा ने भाजपा का दामन थामा वहीं महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्णन विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटिल भाजपा में शामिल हो गए. वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो कई बड़े नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं.

ममता बनर्जी के खासम खास माने जाने वाले हाजरा पिछले कुछ दिनों से दीदी से नाराज चल रहे थे. मंगलवार को सिर्फ हाजरा ही नहीं कांग्रेस विधायक दुलाल चंद्र बार और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक खगेन मुर्मू भी भगवा दल में शामिल हो गए. भाजपा महासचिव व पार्टी के पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी नेता मुकुल रॉय की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए.


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हाजरा ने विजयवर्गीय के साथ मुस्कराते हुए एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की है और कहा है, ‘एक नई शुरुआत.’ भाजपा पश्चिम बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी बनने के लिए काफी मेहनत कर रही है. पार्टी को उम्मीद है कि 2014 लोकसभा चुनाव की तुलना में उसके प्रदर्शन में सुधार होगा. भाजपा ने पिछले आम चुनाव में दो लोकसभा सीटें जीती थीं.

बंगाल के बाद महाराष्ट्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्णन विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील मंगलवार को भाजपा में शामिल हुए. सुजय विखे-पाटील का मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया और राज्य पार्टी प्रमुख रावसाहेब दानवे-पाटील ने उन्हें भाजपा का झंडा दिया.

सुजय विखे-पाटील के भाजपा में शामिल होने के साथ ही अहमदनगर से कई प्रमुख नेताओं और विधायकों के भाजपा में शामिल होने की खबरें आ रही हैं. माना जा रहा है कि सुजय विखे-पाटील को संभवत: अहमदनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाया जा सकता है, जिसे प्रसिद्ध विखे-पाटील परिवार का गढ़ माना जाता है और सुजय इस परिवार की चौथी पीढ़ी हैं.

वहीं गुजरात कांग्रेस से भी विधायकों और कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं का भाजपा में शामिल होने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक से पहले पार्टी के तीन नेताओं ने एक के बाद एक पार्टी छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए. जामनगर (ग्रामीण) विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वल्लभ धाराविया ने सोमवार को गांधीनगर में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को अपना इस्तीफा दिया.

महज एक हफ्ते में माणवदर से चार बार के विधायक जवाहर चावड़ा और धरंगधरा के विधायक परषोत्तम सपारिया ने पार्टी छोड़ दी थी. चावड़ा के भाजपा ज्वाइन करते ही विजय रूपाणी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बना दिया गया. चावड़ा के अलावा दो अन्य लोगों -योगेश भाई नारायण और धर्मेद्र सिंह मेरूभा जडेजा- को भी मंत्री बनाया गया. बता दें कि भाजपा की नजर कांग्रेस के ओबीसी नेता व विधायक अल्पेश ठाकोर पर भी थी. लंबे समय तक ठाकोर की भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जाती रहीं लेकिन पिछले दिनों ठाकोर ने इससे साफ इनकार कर दिया है.

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)


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