Tuesday, 18 January, 2022
होम2019 लोकसभा चुनावपिछड़े, दलित जिनसे था नाराजगी का डर, मोदी को दिया भरपूर वोट

पिछड़े, दलित जिनसे था नाराजगी का डर, मोदी को दिया भरपूर वोट

आईएएनएस-सीवोटर सर्वे की मानें तो सामाजिक समूहों में एनडीए को 47.1 प्रतिशत ओबीसी ने, 43.2 प्रतिशत एसटी ने और 39.5 प्रतिशत एससी ने वोट दिया.

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नई दिल्लीः राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को हाल ही में सम्पन्न आम चुनावों में सबसे ज्यादा समर्थन अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से और उसके बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) से मिला है. आईएएनएस-सीवोटर ने मतदान पैटर्न का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है.

पार्टी ने इस चुनाव में 2014 से भी ज्यादा बड़ी सफलता के साथ वापसी की है. 352 सीटें एनडीए और 303 सीटें भाजपा ने अकेले हासिल की हैं.

इसकी तुलना में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को सबसे ज्यादा (30.1 प्रतिशत) एसटी वोट मिले. इसके बाद उसे एससी (29.8 प्रतिशत) और ओबीसी (25.4 प्रतिशत) वोट मिले. मतदान पद्धति के धर्म-आधारित विश्लेषण से पता चला कि एनडीए के सबसे बड़े समर्थक सवर्ण हिंदू हैं जिसके 51.6 प्रतिशत समुदाय ने नरेंद्र मोदी की अगुआई वाले गठबंधन को वोट दिया.

वहीं, दूसरी तरफ, संप्रग को 40.8 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले. आंकड़े बताते हैं कि राजग को 45.7 प्रतिशत ईसाइयों और 38.2 प्रतिशत सिखों ने वोट दिए. संप्रग को 28 प्रतिशत सिख और 27.8 प्रतिशत ईसाई वोट मिले. मुस्लिमों को छोड़कर, अन्य सभी धार्मिक समुदायों ने राष्ट्रीय रुझानों के अनुसार राजग को वोट दिया.

लगभग 67 फीसदी वोटिंग हुई

बता दें कि सात चरणों के लोकसभा चुनाव के बाद 23 मई को आए रिजल्ट में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को 352 जबकि अकेले भाजपा को 303 सीटें मिली हैं. भारत में लगभग 90 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 67 प्रतिशत ने 11 अप्रैल 19 मई तक हुए सात चरणों के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चुनाव में पीएम मोदी ने भारी सफलता हासिल की है. पूरे देशभर में विपक्षी पार्टियों को जोरदार झटका लगा है. जनता ने उन्हें नकार दिया है और मोदी में फिर से भरोसा जताया है.

(न्यूज एजेंसी आईएनएस के इनपुट्स के साथ)

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