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मनोहर लाल खट्टर/ ऋषि पांडे- हरियाणा फर्स्ट
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दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भाजपा प्रदेश महासचिव अनिल जैन की उपस्थिति में तीन बार सांसद रह चुके पूर्व कांग्रेसी नेता अरविंद शर्मा भाजपा में शामिल हो गए. अरविंद शर्मा करनाल से 2005 और 2009 में कांग्रेस की टिकट पर जीते थे. 2014 में उन्हें भाजपा के अश्विनी कुमार चोपड़ा ने बुरी तरह हराया था. इसके बाद वो बसपा में शामिल हो गए थे. इसके साथ ही इनेलो के पूर्व विधायक कलीराम पटवारी भी भाजपा में शामिल हो गए हैं.

कलीराम इनेलो से सफीदो हलके से विधायक रह चुके हैं. इसके बाद वो पत्रकारों से भी मिले और कहा कि भाजपा ने बिना किसी भेदभाव के हरियाणा में विकास किया है.

हरियाणा लोकसभा सीटों को लेकर भाजपा आत्मविश्वास से भरपूर दिख रही है. हरियाणा भाजपा के मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने दिप्रिंट को बताया, ‘भाजपा किसी से गठबंधन नहीं कर रही है. वो अकेले अपने दम पर 10 सीटों पर लड़ेगी. भाजपा का नारा विकास ही रहेगा.’


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वहीं खबरें आ रही हैं कि इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मीटिंग की. ऐसी खबरें जनवरी से ही आ रही हैं. कहा जा रहा है कि भाजपा और इनेलो के बीच राजनीतिक गठबंधन हो सकता है. अगर ये दोनों पार्टियों मिलकर चुनाव में उतरती हैं तो बाकी पार्टियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

खट्टर ने फरीदाबाद रैली से छेड़ा चुनावी बिगुल

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने दो दिन पहले फरीदाबाद में रोड शो से अपने चुनावी कैंपेन की शुरुआत कर दी है. रोड शो से पहले उन्होंने सड़कों को गंगाजल से साफ करवाया. इस पर विपक्षी दलों ने उनपर निशाना भी साधा. लोगों ने कहा इस तरह खट्टर सरकार को हरियाणा में धर्म के नाम पर वोट नहीं मिलेगा. वहीं, 14 मार्च को रोहतक में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में कई घंटों तक चली बैठक में लोकसभा के उम्मदीवारों पर चर्चा की गई. कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अपने लोकसभा उम्मीदवारों की सूची आज जारी करेगी.

2014 का लोकसभा चुनाव मोदी लहर पर जीता गया था. उसके तुरंत बाद हरियाणा में भाजपा की राज्य सरकार भी बनी. इस वजह से 2019 में मोदी लहर की बजाय हरियाणा में खट्टर सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में की गई पारदर्शिता की लहर है. हरियाणा वासियों के लिए ये बड़ी बात है. जनता में आम भावना है कि पहली बार इतनी पारदर्शिता से सरकारी नौकरियों में सबको मौका मिला है. गौरतलब है कि पिछले साल चौटाला परिवार के अभय चौटाला ने इनेलो के बारे में बात करते हुए कहा था कि अगर वो वापस आए तो नौकरियों की ‘पुरानी व्यवस्था’ करेंगे.

किन मुद्दों पर लड़ेगी भाजपा

भाजपा के मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने बताया, ‘हमारा नारा विकास का ही रहेगा, चाहे बाकी पार्टियां कुछ भी करें.’ हालांकि बाकी पार्टियों का आरोप है कि 2016 के दंगों में खट्टर सरकार का हाथ है. भाजपा जाटों और गैर जाटों के बीच खाई पैदा कर रही है. आम आदमी के नवीन जयहिंद ने दिप्रिंट से बात करते हुए कहा, ‘हरियाणा में 36 बिरादरियां भाईचारे के साथ रहती थीं. लेकिन खट्टर सरकार ने जाट दंगों में जिस तरह का माहौल बनाया है वह समाज के लिए सही नहीं है.’

लेकिन उमेश अग्रवाल ने जाट-गैर जाट की बात को सिरे से नकारते हुए दिप्रिंट से उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के पास कोई मुद्दे नहीं हैं तो वो जाति की राजनीति कर रहे हैं. भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही अपना दांव खेलेगी.

क्या है सीटों पर भाजपा की स्थिति

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को 10 में से 7 सीटें मिली थीं और इनेलो को 2 सीटें. जबकि कांग्रेस को रोहतक की एक सीट मिली थी. रोहतक कांग्रेस के हुड्डा परिवार का गढ़ है. भाजपा और इनेलो के नेता गाहे-बगाहे रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा को हराने की धमकी देते रहते हैं.

वहीं, हरियाणा को लेकर आप और कांग्रेस के गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है. हालांकि केजरीवाल ट्वीट कर गठबंधन का न्योता दे चुके हैं. मगर राहुल गांधी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.


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2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को 34.7% वोट मिले थे. अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीटों पर जीती थी. जबकि सिरसा और हिसार से इनेलो ने जीत दर्ज की थी. रोहतक की सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी के ओपी धनखड़ को हराया था.

वहीं 2009 में भाजपा की एक भी सीट नहीं थी और वोट प्रतिशत भी महज 17.21 ही था. लेकिन 2014 में भाजपा ने अपना वोट बैंक डबल कर लिया था.


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