धड़क मूवी देखने से पहले आपको सैराट फिल्म की कहानी से रूबरू होने की ज़रूरत है

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धड़क 20 जुलाई शुक्रवार को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी । ट्विटर

जैसा कि धड़क फिल्म रिलीज़ हो चुकी हैइसलिए उन सभी चीजों को याद करना महत्वपूर्ण है जो इस फिल्म की प्रेरणा बनींयानि की सैराट  एक अनोखी कारुणिक प्रेम कहानी।

शेक्सपियर के नाटक का पहला मंचन होने के बाद से अब तक रोमियो-जूलियट की प्रेम कहानी को अरबों बार देखा गया है। अब शेक्सपियर की शैली की एक ट्रैजेडी को जाति के किरदार में देखने की कल्पना करें।

धड़क फिल्म मराठी फिल्म सैराट की कहानी पर आधारित है। जातिवाद में उलझे एक देश में ज्वलंत यथार्थवाद के साथ फिल्मायी गयी सैराट आर्ची और पार्श्य की कहानी को दिलचस्प बनाती है।

यदि आप धड़क फिल्म थियेटर में देखने जा रहे हैं तो आपको यह पाँच चीजें जानने की जरूरत है:

जाति और आर्थिक विभाजन:

आर्ची और पार्श्य का करुणामय महा प्रेम एक विशेष संदर्भ में पैदा होता है – यह एक निम्न जाति के मछुआरे के बेटे और उच्च जाति के राजनेता की बेटी के बीच निषिद्ध प्यार है। वे दोनों समुदायों के विरोध का सामना करते हैं। न केवल प्रेमी युगल, बल्कि पार्श्य के परिवार को भी उसके ‘अपराध’ के कारण गांव छोड़ना पड़ता है। पार्श्य के पिता अपने बेटे के पापों के लिए अपने समुदाय से खुद को और अपने परिवार को दंडित न करने के लिए विनती करते हैं। आर्ची का परिवार उन्हें मारने की बार-बार कोशिश करता है।

संकेत सूक्ष्म हैं, लेकिन फिर भी समझे जा सकते हैं। कुटिल संदर्भ यह है कि “पाटिल” और एक ब्राह्मण राजनेता द्वारा उठाया गया दंड मुक्ति का लाभ निम्न जातियों की बार-बार उपेक्षा के ठीक विपरीत है। आर्थिक विभाजन पहले दृश्य से स्वयं ही प्रकट हो जाता है, क्रिकेट मैच जो इस ट्रैजेडी, जो पार्श्य और आर्ची का इंतज़ार करती है, की शुरुआत को दर्शाता है।

अपरंपरागत, दृढ़ महिला की मुख्य भूमिका:

वह साँवली है। वह आपकी आकर्षक बॉलीवुड सुंदरी नहीं है। वह बाइक तथा ट्रैक्टर चलाना पसंद करती है। वह अकेले खेत में जाती है। सबसे बड़ी बात, यह वही है जो लीड रोल करती है। वह पार्श्य को अपने भाई द्वारा पीटे जाने से बचाएगी। आर्ची वह है जो पार्श्य को फोन करती है। वह उसे बताती है कि उन्हें भाग जाना चाहिए क्योंकि उसके माता पिता उसकी शादी कराने की कोशिश कर रहे हैं।

वह ऐसी लड़की नहीं है जिसे आपको बचाने की जरूरत है।

पार्श्य  और उसके परिवार को बलात्कार और अपहरण के आरोप में सजा दिलाने के उसके पिता के झूठे बयान को वह फाड़ देगी। और जब पार्श्य अपनी सीमाएं पार करता है और उसे चोट पहुँचाता है, तो वह उसे भी छोड़ देती है। वह वापस आ जाती है यह एक अलग बात है लेकिन वह उसे छोड़ने के लिए काफी आश्वस्त है।

एक गुप्त और वर्जित प्रेम:

सैराट में एक खास बॉलीवुड रोमांस जैसा कुछ भी नहीं है। यह एक ऐसी फिल्म है जो आपसे व्यंग्य और भेदभाव के लहजे में बात करती है। जब आर्ची और पार्श्य भागते हैं तो उनका उद्देश्य अपने आप को बचाना होता है न कि शादी करना, जैसा कि आप बॉलीवुड फिल्म में देखते हैं। वे शादी कर लेते हैं और यहाँ तक कि समय बीतने के साथ उनका एक बच्चा भी हो जाता है। तभी मुलाकात करने के लिए भाई आ जाता है। और अब अगर आप एक हैप्पी एंडिंग देखना चाहते हैं तो आपको इसे पढ़ना बंद कर देना चाहिए। क्योंकि इस देश में हैप्पी एंडिंग बड़ी मुश्किल से देखने को मिलती है जब बात अंतरजातीय प्रेम की हो।

सच्ची कहानी

जब प्रेमी भाग रहे होते हैं तो एक दर्शक के रूप में आपको उनका डर महसूस होता है। आप लोगों को तलवारें लेकर खेतों में उनका पीछा करते हुए देखते हैं और आपको आश्चर्य होगा अगर वे पकड़े जाएं।

आप अच्छे और बुरे समय में उनको देखते हैं। आप पार्श्य की बेताबी महसूस करते हैं जब आर्ची अस्थायी रूप से उसको छोड़ कर चली जाती है। जब आर्ची लहसुन की कली को हाथ में लेती है तो आप उसके भ्रम को महसूस करते हैं क्योंकि उसने इसको कभी छीलना सीखा ही नहीं। जैसे ही आर्ची अपने परिवार से पाए गए गिफ्टों को खोलती है तो दो मिनट के लिए आप भी उसके साथ खुश हो लेते हैं।

समापन

कभी-कभी खामोशी लफ्जों से ज्यादा जोर बोलती है। सैराट के लिए यह बात बिल्कुल माकूल है। जब आर्ची और पार्श्य का बच्चा, जो मुश्किल से ही चल सकता है, को जिंदगी को समझने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है और वह अपने ही घर में भटकता है, तब फिल्म रुक सी जाती है। दो प्रेमी जमीन पर हैं जो मृत्यु में साथ हैं लेकिन ज़िंदगी में कभी साथ न हो पाये। आप डर की भावना में डूब जाते हैं – आप रोते हुए बच्चे को देख सकते हैं लेकिन आप केवल मौत के साथ सुर मिलाने वाले सन्नाटे को सुन सकते हैं।

Read in English : The original Sairat check-list you need to see before you watch Dhadak

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